आशा कार्यकर्ताओं को 5 महीने से नहीं मिला मानदेय:सीएमएचओ कार्यालय पहुंचीं, कहा-अपने पैसे मांगने पर नौकरी से निकालने की मिलती है धमकी

बालाघाट में आशा कार्यकर्ताओं को पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। अपनी लंबित राशि की मांग को लेकर वे सीएमएचओ कार्यालय पहुंचीं, लेकिन उन्हें सीएमएचओ नहीं मिले। इस पर आशा कार्यकर्ताओं ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। पांच महीने से नहीं मिली मानदेय आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के टीकाकरण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण सहित लगभग 55 महत्वपूर्ण कार्यों को आशा कार्यकर्ताओं लगातार करती आ रही हैं। इसके बावजूद, हमें पांच महीने से उनका मेहनताना नहीं दिया गया है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताएं बोलीं-घर चलाने में हो रही दिक्कत आशा कार्यकर्ता संघ की राष्ट्रीय महामंत्री गीता कटरे ने बताया कि मानदेय न मिलने से कार्यकर्ताओं को घर चलाने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश का विपरीत परिस्थितियों में भी अक्षरशः पालन किया गया, लेकिन प्रति आयुष्मान कार्ड मिलने वाली 5 रुपए की राशि भी उन्हें नहीं दी गई है। मानदेय मांगने पर नौकरी से निकालने की मिलती है धमकी कटरे ने आरोप लगाया कि जब भी वे अपने मानदेय की मांग करती हैं, तो स्वास्थ्य अधिकारी उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। बीएमओ और बीपीएम जैसे अधिकारी उनसे कहते हैं कि पैसे की बात न करें और केवल अपना काम करें। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे बिना किसी छुट्‌टी के साल भर काम करती हैं, फिर भी उन्हें मानदेय के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है। इस स्थिति से कार्यकर्ताओं में भारी रोष है और वे अपने परिवार का गुजारा कैसे करें, यह बड़ा सवाल है।

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