डिजिटल सरकारी दस्तावेजों में सेंधमारी कर फर्जीवाड़ा करने वाले अपराधियों के खिलाफ झुंझुनूं पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस थाना कोतवाली ने एक ऐसी शातिर जालसाजी का पर्दाफाश किया है, जिसमें ई-मित्र संचालक ने आम नागरिकों के जन आधार कार्डों का अवैध इस्तेमाल कर उनमें दर्जनों फर्जी सदस्य जोड़ दिए। पुलिस ने मुख्य आरोपी दिनेश कुमार मीना को जयपुर के चाकसू इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ में और बड़े मामले खुल सकते है। ऐसे आया था मामला सामने यह पूरा मामला सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (IT) की सतर्कता से सामने आया। संयुक्त निदेशक घनश्याम गोयल ने पुलिस को रिपोर्ट दी थी कि जिले के तीन प्रमुख जन आधार कार्डधारकों के दस्तावेजों में उनकी मर्जी के बिना बड़े स्तर पर बदलाव किए गए थे। धोखाधड़ी के तीन मुख्य मामले कल्पना (मलसीसर): इनके कार्ड में पहले एक सदस्य और फिर अगस्त 2023 में 15 नए सदस्य (कुल 16) अवैध रूप से जोड़ दिए गए। विनिता (झुंझुनूं शहर): इनके जन आधार में दो किश्तों में कुल 27 बाहरी व्यक्तियों को सदस्य बना दिया गया। नूर बानो (झुंझुनूं): इनके कार्ड में 16 अजनबी लोगों को परिवार का हिस्सा दिखा दिया गया। सरकारी योजनाओं सेंधमारी आरोपी ने न केवल फर्जी नाम जोड़े, बल्कि उनके साथ फर्जी बैंक खाते, PPO नंबर (पेंशन ऑर्डर) और राज्य कर्मचारी आईडी भी लिंक कर दी। अंदेशा जताया जा रहा है कि यह सरकारी योजनाओं के पैसे हड़पने का एक बड़ा स्कैम है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। SSO ID ने खोला राज, जयपुर में दबीश जब आईटी विभाग ने जन आधार पोर्टल के लॉग्स खंगाले, तो पता चला कि इन सभी छेड़छाड़ के पीछे SSO ID – DELHIGOVA6 का हाथ है। तकनीकी जांच में यह आईडी जयपुर के बस्सी निवासी दिनेश कुमार मीना के नाम पर दर्ज मिली। झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने महीनों तक आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी दिनेश कुमार मीना को चाकसू (जयपुर) से गिरफ्तार कर लिया।


