दुर्ग जिले के ग्राम नगपुरा में आयोजित शिवमहापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के पहले ही दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु कथा पंडाल पहुंचे। प्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने शिवभक्ति का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं से भगवान महादेव की भक्ति को जीवन में धारण करने का आह्वान किया। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा। कथा के दौरान पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भक्ति केवल सुनने की नहीं, धारण करने की वस्तु है। उन्होंने श्रद्धालुओं से वचन लेने को कहा कि जितनी देर भी कथा स्थल पर रहें, उतनी देर श्री शिव नाम का जप करें और भजन में लीन रहें। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई स्थान न छोड़ें, जहां बैठकर भगवान का नाम न लिया जाए। शिवमहापुराण के सुंदर चरित्रों का वर्णन करते हुए उन्होंने शिवभक्ति को जीवन की दिशा बदलने वाली बताया। परिवार के हर सदस्य के पास मोबाइल, उसी में सब व्यस्त
पं. मिश्रा ने आज के समाज पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग विचारों का मंथन नहीं करते, बल्कि मोबाइल का मंथन करते हैं। परिवार के हर सदस्य के हाथ में मोबाइल है और लोग सोते-सोते उठकर भी मोबाइल देखने लगते हैं। उन्होंने रिश्तों में आ रही विकृति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज भाई-बहन को भी फोटो स्टेटस में ‘माय सिस्टर’ या ‘चाची के साथ’ लिखना पड़ता है, क्योंकि लोगों की दृष्टि और बुद्धि विचित्र होती जा रही है और गलत सोच पनपने लगी है। परिवार के बारे में करें चिंतन
रात में सोने से पहले मोबाइल देखने की बजाय अपने परिवार के बारे में चिंतन करें। दान पर बोलते हुए पं. मिश्रा ने कहा कि बाहर कहीं एक-दो रुपए का दान देने की बजाय अपने मोहल्ले के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करें, ताकि वे भी आपके बच्चों की तरह नाम रोशन कर सकें। भगवान ने अगर किसी को सक्षम बनाया है, तो आसपास के लोगों की मदद करें, जरूरत पड़ने पर साधन उपलब्ध कराएं। मरीजों की सेवा करें। दुर्ग पुलिस की तगड़ी व्यवस्था
इधर शिवपुराण कथा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दुर्ग पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। कथा स्थल और आसपास के क्षेत्र में ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। लगभग 500 पुलिस बल की तैनाती की गई है, वहीं 26 राजपत्रित अधिकारी सुरक्षा बंदोबस्त में तैनात हैं। प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच श्रद्धालु शांतिपूर्वक कथा का आनंद ले रहे हैं।


