राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी का बड़ा हिस्सा इसी साल अप्रैल तक काम करना शुरू कर देगा। साथ ही दीपावली तक पूरी क्षमता से काम शुरू किए जाने का टारगेट तय किया गया है। यह जानकारी शुक्रवार को उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री केके बिश्नोई ने दी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को रिफाइनरी का दौरा किया। इस दौरान उद्योग मंत्री भी साथ रहे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित रिफाइनरी का निरीक्षण किया। उन्होंने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से रिफाइनरी को लेकर चर्चा की। उनके साथ मंत्री केके बिश्नोई, प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, पचपदरा विधायक अरुण चौधरी, सिवाना विधायक हमीर सिंह भायल समेत जनप्रतिनिधि थे। मुख्यमंत्री हेलिकॉप्टर से दोपहर 12:15 बजे रिफाइनरी पहुंचे। सीएम ने रिफाइनरी परिसर में पौधा लगाया। इसके बाद बस से रिफाइनरी विजिट के लिए निकले। सीएम ने यहां नाइट्रोजन प्लांट का उद्घाटन किया। करीब डेढ़ घंटे बाद प्रशासनिक सभागार कार्यालय में रिफाइनरी के अधिकारियों के साथ चर्चा की और अब तक के कामों की समीक्षा की। एक घंटे की इस बैठक के बाद सीएम मंगला टर्मिनल के लिए रवाना हो गए। बाई प्रोडेक्ट के रूटमैप को लेकर की चर्चा मंत्री केके बिश्नोई ने कहा- राजस्थान के लिए रिफाइनरी महत्वपूर्ण विषय है। आने वाले समय में राज्य की दशा और दिशा बदलने वाला ये प्रोजेक्ट है। रिफाइनरी से जुड़े बाई प्रोडेक्ट के रूटमैप को लेकर मीटिंग में चर्चा की गई है। बहुत जल्द अच्छे नतीजे आएंगे। उसके लिए HPCL के अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की है। रिफाइनरी शुरू होने की डेडलाइन मार्च 2025 थी। उम्मीद है कि अप्रैल 2025 में रिफाइनरी के बड़े हिस्से का शुभारंभ हो जाएगा। संभावना है कि दीपावली से पहले पूरी रिफाइनरी काम करना शुरू कर देगी। इसके बाद नए उद्योग लगने शुरू होंगे। रिफाइनरी की क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन सालाना रिवाइन इस रिफाइनरी की कुल क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) होगी। इसमें क्रूड/वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट और डिलेड कॉकर यूनिट का 94% काम पूरा हो चुका है। हाइड्रोजन जनरेशन यूनिट और डीजल हाइड्रोजन यूनिट का 98% कार्य भी लगभग पूरा हो गया है। इसके अलावा, VGO-HDT यूनिट जैसी अन्य यूनिट्स का काम 94% से अधिक पूरा हो चुका है। रिफाइनरी में 10 यूनिट्स बनाई गई है। पास ही होगा पेट्रो जोन का विकास रिफाइनरी के पास ही एक पेट्रो जोन विकसित किया जा रहा है। इसमें रिफाइनरी से निकलने वाले बायो-प्रोडक्ट्स पर आधारित विभिन्न उद्योगों की स्थापना होगी। बता दें कि राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड की स्थापना 18 सितंबर 2013 को की गई थी। इस परियोजना में HPCL की 74% और राजस्थान सरकार की 26% हिस्सेदारी है। शुरू में इसकी लागत 43 हजार करोड़ रुपए आंकी गई थी, लेकिन अब यह बढ़कर लगभग 74 हजार करोड़ रुपए हो गई है। वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रिफाइनरी परियोजना का शिलान्यास किया था।


