भास्कर संवाददाता| विदिशा व्यायाम शाला चोपड़ा में श्रीराम कथा का समापन श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। समापन अवसर पर राजश्री बजरंग शरण महाराज ने श्रीहनुमान महाराज के धनुष यज्ञ का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के आदर्श चरित्र और गुणों को विस्तार से बताया। महाराज ने कहा कि श्रीराम मर्यादा, सत्य और करुणा के प्रतीक हैं। लक्ष्मण त्याग, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के उदाहरण हैं। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा समापन के बाद रामलीला लीला दर्शन समिति ने 50 वर्ष पूर्व रामलीला में अभिनय करने वाले कलाकारों का सम्मान किया। श्रीराम की भूमिका निभाने वाले स्वर्गीय सुरेश शर्मा के प्रतिनिधि के रूप में जानकी जी रविकांत शर्मा को सम्मानित किया गया। जानकी जी की भूमिका निभाने वाले रविकांत शर्मा का सम्मान डॉ. सुधांशु मिश्र ने किया। लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले राजकुमार दुबे का सम्मान हुआ। भरत की भूमिका निभाने वाले स्वर्गीय बृजेश शर्मा के प्रतिनिधि राजदीप शर्मा को रामलीला सभा के मंत्री सुरेश शर्मा शास्त्री ने सम्मानित किया। शत्रुघ्न की भूमिका निभाने वाले गजानन शर्मा के प्रतिनिधि मनोज आचार्य को लीला मंत्री मनोज शर्मा और मानसेवी सचिव अनिल शर्मा ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के बाद संगीतमय श्रीहनुमान चालीसा पाठ, हवन और भंडारे का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मेला समिति सदस्य कैलाश नारायण शर्मा, संजय पुरोहित, नारायण प्रसाद शर्मा, रवि चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संचालन मनोज नारायण शास्त्री ने किया।


