सांगुल| राम पहाड़ी धाम पर चल रहे नौ दिवसीय राम कथा महोत्सव के तीसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा वाचिका श्री मानस मंजरी उमा देवी ने शिव–पार्वती विवाह प्रसंग को भावपूर्ण और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया। उन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या, माता पार्वती की अटूट श्रद्धा और देवताओं की भूमिका का विस्तार से वर्णन किया। कथा के दौरान जैसे ही शिव विवाह का प्रसंग आया, पूरा पंडाल हर-हर महादेव और जय श्री राम के जयघोष से गूंज उठा।


