भास्कर संवाददाता | रायसेन जिले में महिला अपराधों के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हत्या और चोरी जैसे गंभीर अपराधों में कमी आई है। यह तथ्य डीआईजी प्रशांत खरे की अध्यक्षता में हुई वार्षिक अपराध समीक्षा बैठक में सामने आए। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित बैठक में जिले की अपराध स्थिति, दर्ज प्रकरणों और उनके निराकरण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। डीआईजी खरे ने महिला अपराधों को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला अपराधों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में एसपी आशुतोष गुप्ता, एएसपी कमलेश खरपुसे, सहित जिलेभर के सभी एसडीओपी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान डीआईजी ने लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। डीआईजी खरे ने गुंडा-बदमाशों पर प्रभावी कार्रवाई और जनता से संवाद बढ़ाने की जरूरत बताई।


