भास्कर संवाददाता | रायसेन अपनी ही जमीन पर बार-बार बेदखल किए जाने से परेशान एक परिवार बुधवार शाम एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गया। मामला देवनगर क्षेत्र के ग्राम ग्यारसावाद का है। यहां निवासी हरनाम सिंह यादव, उनकी बहन सीताबाई और भाई बलवान की करीब 5 एकड़ जमीन पर गांव के दबंगों ने फिर कब्जा कर लिया। हरनाम सिंह ने बताया कि 2022 में कराई गई नपती में जमीन उनके नाम दर्ज निकली थी, लेकिन उस पर मीणा परिवार वर्षों से खेती करता आ रहा था। तहसील न्यायालय के आदेश पर 2023 में प्रशासन ने कब्जा दिलाया। इसके बाद मामला एसडीएम कोर्ट पहुंचा, जहां अक्टूबर 2025 में फैसला फिर हरनाम सिंह के पक्ष में आया। तीन थानों की पुलिस की मौजूदगी में प्रशासन ने दोबारा कब्जा दिलाया। आरोप है कि इसके बाद भी भगवान सिंह मीणा, अजबसिंह मीणा, हरिनारायण और निरपत सिंह ने जमीन पर फिर कब्जा कर लिया। पहले से बोई धान की फसल काटकर गेहूं की बुवाई कर दी गई। धारा 250(ख) में 3 महीने तक सजा का प्रावधान मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता (MPLRC) की धारा 250 निजी भूमि से अवैध कब्जा हटाने का अधिकार देती है। प्रशासन द्वारा कब्जा हटाए जाने के बाद यदि कोई व्यक्ति दोबारा कब्जा करता है, तो उस पर धारा 250(ख) के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। तहसीलदार दोषी पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगा सकता है। यदि कब्जाधारी 7 दिन में जमीन खाली नहीं करता, तो एसडीओ उसे 15 दिन के लिए सिविल जेल भेज सकता है। बार-बार उल्लंघन पर सजा 3 महीने तक बढ़ाई जा सकती है।


