राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित सीईटी-2024 की पात्रता अवधि दो महीने बाद फरवरी 2026 में समाप्त हो जाएगी। इस सीईटी की पात्रता अवधि एक वर्ष निर्धारित थी, जो अब पूरी होने जा रही है। पात्रता समाप्त होने से करीब 18 लाख अभ्यर्थी सीईटी आधारित भर्तियों की दौड़ से बाहर हो जाएंगे। सीईटी स्नातक स्तर के 8.78 लाख अभ्यर्थियों की पात्रता 11 फरवरी 2026 को समाप्त होगी, जबकि सीईटी सीनियर सेकंडरी स्तर के 9.17 लाख अभ्यर्थियों की पात्रता 16 फरवरी 2026 तक मान्य रहेगी। पात्रता बने रहने के लिए अभ्यर्थियों को नई सीईटी उत्तीर्ण करनी होगी, लेकिन नई सीईटी का आयोजन फिलहाल अधर में लटका हुआ है। बोर्ड ने सीईटी स्नातक स्तर की परीक्षा 20 से 22 फरवरी 2026 तथा सीईटी सीनियर सेकंडरी स्तर की परीक्षा 8 से 10 मई 2026 के बीच प्रस्तावित की है। हालांकि सीईटी पात्रता से जुड़े नियमों में बदलाव को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। ऐसे में फरवरी में सीईटी का आयोजन मुश्किल नजर आ रहा है। नियमों में होना है बदलाव: न्यूनतम प्राप्तांक 60% करने का प्रस्ताव सीईटी प्रमाण पत्रों की वैधता पहले एक वर्ष थी, जिसे बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया गया है। इसका नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। वर्तमान में सीईटी में 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर पात्रता मिल जाती है, जिससे पिछली बार 18 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को पात्रता मिल गई थी। इसी संख्या पर नियंत्रण के लिए पात्रता के लिए न्यूनतम प्राप्तांक 60 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव है। लेकिन अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। सीईटी नहीं हुई तो ये भर्तियां अटकेंगी सीईटी स्नातक स्तर के अंतर्गत प्लाटून कमांडर, पटवारी-जिलेदार, जल संसाधन विभाग, कनिष्ठ लेखाकार (अधीनस्थ लेखा सेवा), कनिष्ठ लेखाकार (राज्य कृषि विपणन बोर्ड), तहसील राजस्व लेखाकार, पर्यवेक्षक महिला अधिकारिता, उपजेलर, छात्रावास अधीक्षक ग्रेड-द्वितीय, पटवारी (राजस्व अधीनस्थ सेवा) और ग्राम विकास अधिकारी जैसी भर्तियों की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकेगी। इसी तरह सीईटी सीनियर सेकंडरी स्तर के अंतर्गत वनपाल, छात्रावास अधीक्षक, लिपिक ग्रेड-द्वितीय, कनिष्ठ सहायक, जमादार ग्रेड-द्वितीय, कांस्टेबल और कनिष्ठ सहायक की भर्तियां भी प्रभावित होंगी। प्रारूप में बदलाव जरूरी, ताकि परीक्षाएं एक से अधिक पारी में न करानी पड़े वर्तमान नियमों में बहुत अधिक अभ्यर्थियों को पात्रता मिल रही है। पटवारी भर्ती के लिए हमें दो पारियों में परीक्षा करानी पड़ी, जिससे सीईटी के आयोजन का उद्देश्य ही कमजोर हो गया। इसके प्रारूप में बदलाव जरूरी है, ताकि भर्तियों की परीक्षाएं एक से अधिक पारी में न करानी पड़ें। फिलहाल सीईटी के नए नोटिफिकेशन को लेकर कोई सूचना नहीं है। फरवरी में बोर्ड परीक्षाएं भी हैं, इसलिए इस महीने प्रस्तावित सीईटी को आगे खिसकाना जरूरी हो गया। – आलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड


