अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आदेश और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार बुधवार को उदयपुर देहात व शहर जिला कांग्रेस कमेटी के साझे में बुधवार को केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सहित संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग और महात्मा गांधी नरेगा योजना का नाम बदलकर योजना को कमजोर करने के आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। मोदी सरकार का पुतला दहन किया। सभा को संबोधित करते हुए देहात जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि मोदी-शाह सरकार ईडी को राजनीतिक हथियार बनाकर विपक्ष को डराने का प्रयास कर रही है। नेशनल हेराल्ड मामले में न्यायालय द्वारा सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की शिकायत खारिज किया जाना सत्य की जीत और तानाशाही को करारा तमाचा है। शहर जिलाध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने कहा कि अदालत के फैसले से यह साफ हो गया है कि ईडी की कार्रवाई अवैध और बदले की राजनीति से प्रेरित थी। कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने की कोशिशें अब देश के सामने बेनकाब हो चुकी हैं। अन्य नेताओं ने मनरेगा का नाम बदलने के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह महात्मा गांधी और गरीबों के रोजगार अधिकार पर सीधा हमला है। राज्य और प्रदेश की सरकार की नीतियों को बताया जनविरोधी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। प्रदर्शन के दौरान उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़, लोकसभा प्रत्याशी ताराचंद मीणा, पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत, पूर्व मंत्री डॉ. मांगीलाल गरासिया, पीसीसी उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश इंटक अध्यक्ष जगदीशराज श्रीमाली, पीसीसी महासचिव लालसिंह झाला, पीसीसी सचिव दिनेश श्रीमाली, देहात प्रवक्ता डॉ. संजीव राजपुरोहित आदि मौजूद थे।


