मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीण पढ़ने के लिए छत्तीसगढ़ के स्कूल जाते हैं गांव के बच्चे

मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीण पढ़ने के लिए छत्तीसगढ़ के स्कूल जाते हैं गांव के बच्चे
अनूपपुर।
जिले के जैतहरी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत लहसुना के ग्राम गोडपसरी के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। लहसुना से गोडपसरी की दूरी लगभग 5 किलोमीटर की है। जहां तक आने-जाने के लिए सड़क नहीं है। ग्रामीण पथरीले रास्ते से होकर आवागमन करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वन भूमि क्षेत्र में स्थित होने के कारण आज तक यहां सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। इतना ही नहीं गांव में प्राथमिक स्कूल तक नहीं है। यहां बच्चे पढ़ने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के प्राथमिक स्कूल जाते हैं। गोडपसरी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक अमर सिंह ने बताया कि गोडपसरी का प्राथमिक विद्यालय लहसुना में बनाया गया है। यहां गोडपसरी के एक भी छात्र पढ़ने सोलर लाइट भी नहीं कर रहे काम ग्रामीण वीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि गोडपसरी में वन भूमि क्षेत्र होने के कारण आज तक विद्युत सुविधा का विस्तार नहीं किया जा सका है। जिसको देखते हुए कुछ महीने पूर्व यहां पर लगभग 5 लाख रुपए की लागत से 8 सोलर लाइट लगाए गए लेकिन यह भी तीन घंटे से ज्यादा रोशनी नहीं देते हैं जिसके कारण ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में ही बितानी पड़ती है। के लिए नहीं आता है। गांव से विद्यालय काफी दूर है तथा रास्ते में जंगल होने के कारण बच्चे यहां नहीं आते हैं। छत्तीसगढ़ का विद्यालय गांव से लगा हुआ है, वहीं पढ़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं है। अधिकारियों को सब पता है। इसके बाद भी समस्या के सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीण हेमलाल सिंह ने बताया कि गोडपसरी में कोई भी विद्यालय नहीं है। गोडपसरी प्राथमिक विद्यालय यहां से 5 किलोमीटर दूर लहसुना में है। इस वजह से यहां के विद्यार्थी छत्तीसगढ़ राज्य के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के छीदपानी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। इसकी दूरी यहां से 2 किलोमीटर है। ग्रामीण अपने बच्चों को नजदीकी विद्यालय में पढ़ने के लिए भेजते हैं।

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