छत्तीसगढ़ की पवित्र नगरी अमरकंटक और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप जारी है। बुधवार (17 दिसंबर) रात और अगले दिन सुबह इस क्षेत्र में साल का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया है। अमरकंटक में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जबकि पेंड्रा में पारा 7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। वहीं, 18 दिसंबर की सुबह अमरकंटक के रामघाट, माई की बगिया और श्रीयंत्र मंदिर सहित कई स्थानों पर बर्फ जैसी जमी ओस की परतें दिखाई दीं। इससे पूरा क्षेत्र सफेद चादर से ढका नजर आया, जिसे देखने निकले श्रद्धालु और स्थानीय लोग ठिठक गए। अलाव का सहारा ले रहे स्थानीय कड़ाके की ठंड के कारण सुबह और रात में सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। नागरिकों से गर्म कपड़े पहनने और बचाव उपायों को अपनाने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई है। अमरकंटक में यह मौसम का सबसे ठंडा दिन रहा, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।


