डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया बुधवार रात अधिकारियों के साथ हिनौता गांव के मुकद्दम टोला पहुंचीं। यहां जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों को ग्रामीण विकास योजनाओं की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण का आश्वासन भी दिया। चौपाल के दौरान बिजली, पानी, सड़क और रोजगार से संबंधित प्रमुख समस्याएं सामने आई। जनपद अध्यक्ष आशा धुर्वे ने गांव में बिजली गुल होने और लो वोल्टेज की समस्या बताई। उन्होंने कहा कि बिझौरी में उनके घर के पास पड़ाव टोला में लगे ट्रांसफॉर्मर से रात में बिजली बंद होने की दिक्कत होती है। चौपाल में बिजली-पानी और रोजगार की समस्याएं उठीं विद्युत विभाग के अधिकारियों ने इस पर तुरंत सुधार का आश्वासन दिया। कुछ अन्य ग्रामीणों ने गांव में पानी, सड़क और रोजगार उपलब्ध न होने की समस्या भी रखी। रोजगार की समस्या पर सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने इंजीनियर को नाम नोट करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि गांव में पानी की समस्या के समाधान के लिए किसानों को खेत तालाब बनवाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। सीईओ ने बताया कि अधिक से अधिक तालाब बनने से पानी की समस्या कम होगी। इस कार्य में जिला पंचायत और जनपद की ओर से मदद की जाएगी। अब दफ्तर नहीं, गांव में सुनी जा रहीं समस्याएं कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि शाम के समय ग्रामीण अपने दिन भर के काम के बाद घरों में उपलब्ध होते हैं। उनके साथ बैठकर उनकी समस्याओं को जानना और ग्रामीण विकास की योजनाओं की जानकारी देना इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य था। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीणों के सामने एसआईआर में एसडीआर सूची का वाचन भी कराया गया। चौपाल में मौजूद ग्रामीण तीत लाल पूषाम ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें शिकायतें लेकर दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब अधिकारी खुद गांव आकर समस्याएं सुन रहे हैं। पूषाम ने समस्याओं के शीघ्र निराकरण की उम्मीद जताई। इस दौरान कलेक्टर बच्चों को टॉफी बांटती भी नजर आई, जिससे बच्चों में उत्साह देखा गया।


