वन विभाग की चौकियों में चंबल की रेत का इस्तेमाल:ठेकेदार धड़ल्ले से कर रहा अवैध रेत का उपयोग; अफसर बोले- जांच करवाएंगे

मुरैना जिले में चंबल नदी से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए बनाई जा रही वन विभाग की चौकियों में ही ‘चोरी’ की रेत का इस्तेमाल हो रहा है। ठेकेदार बेखौफ होकर प्रतिबंधित चंबल रेत से निर्माण कार्य कर रहा है। मामला नेशनल हाईवे 552 स्थित खुर्द गांव के पास का है। शिकायत सामने आने के बाद अब जिम्मेदार अधिकारी जांच और कार्रवाई की बात कह रहे हैं। वन विभाग जिले के अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग पॉइंट बनाने के लिए चौकियां बनवा रहा है। नेशनल हाईवे 552 पर खुर्द गांव के पास बन रही ऐसी ही एक निर्माणाधीन चौकी में ठेकेदार द्वारा खुलेआम चंबल नदी की रेत का उपयोग किया जा रहा है। जिस रेत को रोकने के लिए चौकी बन रही है, उसी की नींव अवैध रेत से रखी जा रही है। 2008 से लगी है रोक, फिर भी माफिया सक्रिय चंबल नदी से रेत उत्खनन और परिवहन पर ग्वालियर हाईकोर्ट ने वर्ष 2008 से रोक लगा रखी है। यह फैसला देवरी घड़ियाल सेंचुरी में जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए लिया गया था। इसके बावजूद रेत माफिया बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन कर रहा है। SDO बोले- ठेकेदार पर करेंगे कार्रवाई देवरी घड़ियाल सेंचुरी के एसडीओ श्याम सिंह चौहान ने बताया कि वन विभाग की चौकियां बनाई जा रही हैं, जिन्हें चेकिंग पॉइंट में बदला जाएगा। चौकियों के निर्माण में चंबल की रेत इस्तेमाल होने की शिकायत मिली है। टीम बनाकर इसकी जांच करेंगे और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *