मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में गांधी प्रतिमा पर जुटे और जमकर नारेबाजी की। सदन में सिंघार ने कहा कि भाजपा महात्मा गांधी के नाम को बदल रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा को बापू के नाम से डर लगता है या फिर वह उनका सम्मान नहीं करती? उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इतनी बड़ी योजना से गांधी जी का नाम हटाना उनके विचारों और संविधान के मूल्यों पर सीधा हमला है। सिंघार ने कहा कि सरकार 2047 का विजन डॉक्युमेंट बता रही है, लेकिन मास्टर प्लान कब लाएगी, यह नहीं बताया। विधायकों ने नेशनल हेराल्ड मनी लांड्रिंग केस में कोर्ट द्वारा सोनिया गांधी व राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट नहीं लेने पर केंद्र सरकार की एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। इतिहास उसे ही याद रखेगा, जिसने जीवन बदला होगा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सरकारें आती जाती हैं, घोषणाएं भी बहुत होती हैं, लेकिन इतिहास उसे ही याद रखता है, जिसने आम आदमी के जीवन में कुछ बदलाव किया हो। मैं जनजाति क्षेत्र से आता हूं। मेरे कार्यकर्ता के साथ हादसा हुआ तो मैंने खुद वाहन चलाना शुरू किया। इसके बाद से अब तक 4 हजार शवों को खुद उनके गंतव्य तक पहुंचाया है। सीएम का धन्यवाद कि उन्होंने आखिरी वक्त में लोगों को सहारा देने की सुविधा शुरू की है। जबलपुर पूर्व से विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि सदन में सरकार के विजन पर चर्चा होनी थी, लेकिन यहां सब वर्ष 2003 और 2047 पर आकर अटक गए हैं। मुंशी प्रेमचंद ने लिखा है कि घमंड में आदमी फूल सकता है, पर फल नहीं सकता। सत्ता में बैठे लोग इसे ध्यान रखें। सरकार में 75 फीसदी पद खाली पड़े हैं। आप हर काम आउटसोर्स से करा रहे हो।


