बीसीसीएल के कुसुंडा एरिया स्थित गैस रिसाव प्रभावित गेस्ट हाउस परिसर में चल रही वैज्ञानिक ड्रिलिंग के दौरान को प्राकृतिक गैस मीथेन की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। एमइसीएल (मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की टीम ने लगभग 13 मीटर गहराई तक ड्रिलिंग के दौरान जमीन के भीतर एक गैलरी का पता लगाया, जहां से मीथेन गैस निकलने के संकेत मिले। इससे पहले करीब छह मीटर तक ड्रिलिंग की गई थी। हालांकि, फिलहाल गैस की मात्रा कितनी है, इसका आकलन नहीं हो पाया है। वैज्ञानिकों की टीम गैस के दबाव, प्रवाह और संरचना का वैज्ञानिक परीक्षण कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गैस रिसाव की गंभीरता कितनी है और आगे किस स्तर की तकनीकी हस्तक्षेप की जरूरत होगी। आज की जा सकती है नाइट्रोजन फ्लशिंग आज से भूमिगत गैलरी में पाइप केसिंग डालकर नाइट्रोजन फ्लशिंग की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यह कार्य पूरी तरह विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की निगरानी में होगा। नाइट्रोजन फ्लशिंग के जरिए गैस के दबाव को नियंत्रित करने और रिसाव को निष्क्रिय करने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद वैज्ञानिकों के निर्देश पर सर्वे विभाग द्वारा चिह्नित अन्य स्थानों पर भी ड्रिलिंग की जाएगी। जहां से भूमिगत तापमान और गैस के सैंपल लिए जाएंगे। इन सभी आंकड़ों के अध्ययन के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि नाइट्रोजन फ्लशिंग एक अत्यंत संवेदनशील और जोखिम भरी प्रक्रिया है, क्योंकि नाइट्रोजन हवा में मौजूद ऑक्सीजन को विस्थापित कर सकती है। गैस का असर फिलहाल कम, सतर्क रहने की अपील इधर बुधवार को नियमित जांच के दौरान कुसुंडा एरिया के गेस्ट हाउस परिसर और आसपास के इलाकों में गैस का प्रभाव पहले की तुलना में काफी कम देखा गया। इसके बावजूद वैज्ञानिकों की टीम मौके पर लगातार गैस सैंपल और रीडिंग डेटा का विश्लेषण कर रही है। आम लोगों से अपील की गई है कि नाइट्रोजन फ्लशिंग के दौरान ड्रिलिंग स्थल से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। ड्रिलिंग स्थल के पास बैरिकेडिंग कर दी गई है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कोल इंडिया चेयरमैन आज लेंगे जायजा इसी बीच, कोल इंडिया के नये चेयरमैन बी साईंराम गुरुवार को धनबाद पहुंच रहे हैं। चेयरमैन बनने के बाद यह उनका पहला धनबाद दौरा है। वे रांची से धनबाद पहुंचकर केंदुआडीह के गैस रिसाव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और सुरक्षा व्यवस्था, पुनर्वास तथा तकनीकी पहलुओं पर अधिकारियों से जानकारी लेंगे। उनका बेलगड़िया, बीसीसीएल के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक और एमएसडीआइ-2 के निरीक्षण का भी कार्यक्रम है। वापसी के क्रम में वे करमाटांड़ विस्थापन क्षेत्र जाकर एमएसडीआइ-4 और वहां संचालित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करेंगे। चेयरमैन के दौरे को देखते हुए बीसीसीएल प्रबंधन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि उनके निरीक्षण के बाद नाइट्रोजन फ्लशिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


