इंदौर की एरोड्रम पुलिस ने ऑनलाइन जॉब सर्च के दौरान एक छात्रा से ठगी किए जाने के मामले में अज्ञात महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपी महिला ने खुद को एक कंपनी की डायरेक्टर बताकर गूगल पर ऑनलाइन ऑडिटर्स की भर्ती के नाम पर छात्रा को झांसे में लिया और अलग-अलग बहानों से उसके खाते में 1 लाख 13 हजार रुपए डलवाए। वॉट्सऐप मैसेज से शुरू हुई ठगी शुभम नगर निवासी छात्रा शिक्षा ने पुलिस को बताया कि नवंबर में उसके वॉट्सऐप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया। मैसेज में महिला ने अपना नाम दिव्या मेहता बताते हुए खुद को एफैल इंडिया लिमिटेड कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर बताया। उसने बताया कि गूगल पर ऑनलाइन ऑडिटर्स की भर्ती चल रही है, जिसमें रोजाना 3 से 5 हजार रुपए तक कमाई की जा सकती है। काम की जानकारी पूछने पर आरोपी ने एक होटल की लिंक भेजी और कहा कि होटल को 5-स्टार रेटिंग देनी है। इसके बदले खाते में करीब 150 रुपए आने की बात कही गई। रेटिंग देने के बाद छात्रा को मैसेज आया कि उसने अच्छा काम किया है और उसका कंपनी में चयन हो गया है। टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर वसूले पैसे इसके बाद आरोपी ने शिक्षा की उम्र और शैक्षणिक योग्यता पूछी तथा टेलीग्राम ऐप के जरिए काम करने को कहा। एक लिंक भेजकर ग्रुप जॉइन करवाया गया और 500 रुपए ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करने के नाम पर जमा कराए गए। इसके बाद लगातार रेटिंग का काम दिया जाता रहा और काम के पैसे अटकने का बहाना कर अलग-अलग फार्म भरवाए जाते रहे, जिनके लिए छात्रा को राशि देनी पड़ी। इस तरह 10 दिन में 1 लाख 13 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। शक होने पर सामने आई सच्चाई जब शिक्षा के खाते में कोई रकम वापस नहीं आई तो उसने रिश्तेदारों से चर्चा की, तब उसे साइबर फ्रॉड में फंसने का अहसास हुआ। इसके बाद उसने वॉट्सऐप नंबर पर कॉल किया तो मोबाइल बंद मिला। पैसे लौटाने के लिए मैसेज करने पर कोई जवाब नहीं आया और टेलीग्राम ग्रुप से भी उसे हटा दिया गया। बैंक खातों की जानकारी निकाल रही पुलिस इसके बाद छात्रा ने साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद एरोड्रम पुलिस ने अज्ञात महिला आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक जिन-जिन खातों में ऑनलाइन पेमेंट किया गया है, उनकी भी जानकारी निकाली जा रही है और मामले की जांच जारी है।


