इंदौर नगर निगम राजस्व वसूली को लेकर सख्त हो गया है। जिन्होंने संपत्तिकर नहीं भरा है उन पर कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को नगर निगम की टीम ने घड़ी वाली मस्जिद जमातखाना पर कार्रवाई की। इसमें 25 दुकान-गोदाम भी बने है। जमातखाना सहित इन सभी पर कार्रवाई करते हुए इसे सील किया गया है। कार्रवाई के बाद जमातखाना के कर्ताधर्ताओं ने अधिकारियों से बातचीत कर 4 लाख रुपए के तीन चेक दिए और दुकानें खोलने का निवेदन किया। गुरुवार को नगर निगम का अमला जोन क्रमांक 3 के वार्ड 56 में बनी घड़ी वाली मस्जिद जमातखाना पहुंचे। इन पर संपत्तिकर के 4 लाख 61 हजार रुपए बकाया था। सालभर से नगर निगम नोटिस दे रहे थी, लेकिन इन्होंने संपत्तिकर नहीं भरा। नेशनल लोक अदालत के 15 दिन पहले भी इन्हें नोटिस दिया गया, मगर संपत्तिकर भरने के लिए कोई नहीं आया तो गुरुवार को नगर निगम की टीम यहां पहुंच गई। एआरओ अनिल निगम ने बकाया कि घड़ी वाली मस्जिद जमातखाना पर 4 लाख 61 हजार से ज्यादा का संपत्तिकर बकाया था। कई बार नोटिस दिए गए, मगर उन्होंने संपत्तिकर नहीं भरा। नेशनल लोक अदालत के 15 दिन पहले भी नोटिस दिया गया, उन्हें बताया गया कि नेशनल लोक अदालत में आकर संपत्तिकर पर नियमानुसार मिल रही छूट का फायदा उठाकर संपत्तिकर जमा कर दे, लेकिन कोई भी नेशनल लोक अदालत में नहीं आया। उन्हें कॉल किए तो उन्होंने स्पष्ट कह दिया था कि उनके पास संपत्तिकर भरने की कोई व्यवस्था नहीं है। सील करने की कार्रवाई की आज यहां पर नगर निगम की टीम पहुंची और जमातखाना सहित 25 दुकान-गोदाम को सील करने की कार्रवाई की गई। जब वहां के कर्ताधर्ताओं को निगम की कार्रवाई का पता चला तो वे सख्ते में आ गए और तुरंत हमने संपर्क किया। उन्होंने हमने दुकानों को खोलने का निवेदन किया। मगर बिना संपत्तिकर जमा किए दुकानें नहीं खोल सकते थे। इस पर उन्होंने 4 लाख रुपए के तीन चेक दिए है। इसमें दो लाख रुपए का चेक आज की तारीख का और एक-एक लाख के दो चेक फरवरी और मार्च महीने का दिया है। जलकर वालों विशेष कार्रवाई एआरओ अनिल निगम ने बताया कि अब नगर निगम की टीम बकायादारों पर सख्ती से कार्रवाई करेगी। जिन लोगों ने संपत्तिकर, जलकर नहीं भरा है उनके यहां कार्रवाई की जाएगी। खासकर जलकर वालों के यहां विशेष कार्रवाई की जाएगी। उनके यहां के नल कनेक्शन काटे जाएंगे।


