डिंडौरी में गुरुवार सुबह से जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते अपने समर्थकों के साथ जिला पंचायत परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत उन्होंने कलेक्टर और जिला पंचायत से की थी। थाने में झूठी एफआईआर दर्ज करने का आरोप अध्यक्ष परस्ते का कहना है कि योजना में हुए भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए उनके खिलाफ थाने में झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके बैनर-पोस्टर और सूखे पेड़ चोरी कर लिए गए हैं। परस्ते ने कहा कि दीदियों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी, भले ही प्रशासन उन्हें जेल में डाल दे। उन्होंने दावा किया कि जनप्रतिनिधियों ने भी इस लड़ाई में उनका साथ देने का आश्वासन दिया है। 15 अगस्त से 15 सितंबर तक होना था पौधारोपण ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना की शासकीय गाइडलाइन के अनुसार, 15 जुलाई तक सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपयुक्त भूमि हितग्राहियों का चयन और पौधों की प्रजातियों का निर्धारण करना था। 25 जुलाई तक भौतिक सत्यापन कर तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति दिलवानी थी। 14 अगस्त तक गड्ढों की खुदाई और तार फेंसिंग का काम पूरा करना था, जबकि 15 अगस्त से 15 सितंबर तक पौधा रोपण करना था। अधिकारियों पर सप्लायर के साथ मिलकर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार का आरोप गाइडलाइन में स्पष्ट है कि पौधे, खाद, कीटनाशक आदि सामग्री का भुगतान हितग्राहियों द्वारा किया जाना है। हितग्राही स्वयं बाजार से खरीदकर ग्राम पंचायत में बिल जमा करेंगे। सत्यापन इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और आजीविका मिशन के ब्लॉक समन्वयक संयुक्त रूप से करेंगे। हितग्राही की सहमति के बिना किसी अन्य को भुगतान नहीं किया जा सकता। हालांकि, अध्यक्ष का आरोप है कि अधिकारियों ने एक सप्लायर के साथ मिलकर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया है।


