सलूम्बर जिले को मानसून सत्र 2025 में अत्यधिक वर्षा और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की तात्कालिक मरम्मत के लिए राज्य सरकार से बड़ी राहत मिली है। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने जिले के लिए 27.08 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की है। यह राशि जिला कलेक्टर अवधेश मीणा द्वारा भेजे गए प्रस्तावों के आधार पर स्वीकृत की गई है। इस स्वीकृति के तहत जिले में कुल 1350 से अधिक कार्यों को पूरा किया जाएगा। इन कार्यों में विभिन्न विभागों के तहत क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत शामिल है। शिक्षा विभाग के तहत सलूम्बर, सराड़ा, जयसमंद, सेमारी, लसाड़िया और झल्लारा ब्लॉक में 604 विद्यालय भवनों की मरम्मत के लिए 12.08 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग को जिले की क्षतिग्रस्त 399 सड़कों (पेच वर्क/पुनर्स्थापना) की मरम्मत के लिए 7.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इसमें सलूम्बर, सराड़ा, जयसमंद, सेमारी, लसाड़िया और झल्लारा क्षेत्र की सड़कें शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के 192 क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी केंद्रों की मरम्मत के लिए 4.37 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायती राज और अन्य राजकीय भवनों के 117 कार्यों हेतु 2.87 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। चिकित्सा विभाग के 34 क्षतिग्रस्त चिकित्सा संस्थानों की मरम्मत के लिए 67 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। वहीं, जल संसाधन विभाग को सलूम्बर तहसील में 4 नहरों की तात्कालिक मरम्मत के लिए 6.64 लाख रुपये मिले हैं। जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए। राज्य सरकार के आदेशानुसार, तात्कालिक मरम्मत का उद्देश्य पूरा करने के लिए कार्य शुरू होने की तारीख से 30 दिन के भीतर इन्हें पूर्ण करना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी कार्य SDRF (राज्य आपदा मोचन निधि) के मापदंडों और गुणवत्ता के अनुरूप ही कराए जाएं।


