इंदौर के ग्राम अहिरखेड़ी में गुरुवार को स्वच्छ चौपाल का आयोजन किया गया। जिसमें ग्रामीणों ने रोड, ड्रेनेज, साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं। लोगों ने बताया कि सुबह कई लोग ड्यूटी पर चले जाते हैं और कचरा बाहर रख देते हैं ताकि कचरा गाड़ी ले जाए, लेकिन कई बार कचरा नहीं उठाया जाता, जिससे शाम तक श्वान कचरा फैला देते हैं। कालका माता मंदिर स्थित सरकारी स्कूल के सामने लगी चौपाल में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। चौपाल के दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। महापौर ने कहा कि इन गांवों में पानी, ड्रेनेज जैसी समस्याओं का समाधान करना और सफाई को लेकर जनजागरण करना प्राथमिकता है। लोगों को सफाई के लिए प्रेरित कर उन्हें इस अभियान से जोड़ा जाएगा। महापौर ने माना कि इन क्षेत्रों में अभी मूलभूत सुविधाओं की कमी है, जिसे चरणबद्ध तरीके से दूर किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप-योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा ग्रामीणों ने मंदिर परिसर की नियमित सफाई और सड़क निर्माण से जुड़ी समस्याएं भी रखीं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि नगर निगम में गांव शामिल होने के बावजूद उन्हें कई योजनाओं का लाभ अब तक नहीं मिल पा रहा है। सफाई के लिए जनजागरण पर जोर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर का सफाई मॉडल दो स्तरों (लोगों की समस्याओं का समाधान और सफाई का बेहतर प्रबंधन) पर काम करता है। नगर निगम सीमा में शामिल हुए 29 गांवों में स्वच्छ चौपाल की शुरुआत की गई है। कनाड़िया के बाद अब अहिरखेड़ी और हुकमाखेड़ी में चौपाल आयोजित की गई हैं। यहां 100% ड्रेनेज लाइन डाल रहे हैं, ताकि सफाई मेनटेन रहे। सफाई के लिए गाड़ियां, दरोगा और कर्मचारी बढ़ाना और लोगों को सफाई में जोड़ना उसके लिए ये चौपाल लगाई है और उसका अच्छा प्रतिसाद भी मिला है। इंदौर का सफाई मॉडल तभी मजबूत हुआ जब लोगों का विश्वास नगर निगम पर आया। हम इनकी समस्या हल करेंगे तो इनका विश्वास हम पर आएगा। आज हमें ये देखने को मिला कि सफाई की प्रति गांव में ज्यादा जनजागरण है। इंदौर का मॉडल मजबूत हो रहा है। प्रोग्राम में विधायक मधु वर्मा ने भी अपनी बात रखी।


