विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में नववर्ष पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रवेश व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण गेट क्रमांक एक (अवंतिका द्वार) को शहनाई द्वार की ओर स्थानांतरित कर दिया गया है। श्रद्धालु अब इसी नए मार्ग से प्रवेश कर दर्शन कर सकेंगे। यह नई व्यवस्था गुरुवार से लागू हो गई है। अवंतिका द्वार को उसके वर्तमान स्थान से हटाकर शहनाई द्वार, पालकी निर्गम स्थल के पास स्थापित किया गया है। यहां से प्रवेश करने वाले श्रद्धालु फेसिलिटी सेंटर से होते हुए भगवान महाकाल के दर्शन के लिए आगे बढ़ेंगे। इसके अतिरिक्त, बड़ा गणेश मंदिर के पास स्थित एंबुलेंस निर्गम द्वार पर एक नया शीघ्र दर्शन टिकट काउंटर भी शुरू किया गया है। यहां से श्रद्धालु 250 रुपए का टिकट लेकर प्रवेश कर सकेंगे। टिकटधारी श्रद्धालु गणेश मंडप से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन कर निर्धारित निर्गम द्वार से बाहर निकलेंगे। नवीन प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लॉकर, जूता-स्टैंड और मेटिंग जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। दर्शन मार्ग को छोटा और सुगम बनाया गया है, जिससे भक्तों को शीघ्र और सहजता से दर्शन लाभ मिल सके। श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने गुरुवार को मंदिर परिसर के आंतरिक और बाहरी क्षेत्रों सहित रुद्र सागर क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा तथा सुचारू दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। प्रशासक ने नए प्रवेश और निर्गम गेट की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।


