धौलपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) रेखा यादव ने गुरुवार को बाल संप्रेषण एवं शिशु गृह, वृद्धाश्रम और सखी वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार और जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के मार्गदर्शन में किया गया। बाल संप्रेषण एवं शिशु गृह के निरीक्षण में कुल 6 बच्चे उपस्थित पाए गए। इनमें 3 विधि से संघर्षरत किशोर, 3 देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे और 3 शिशु शामिल थे। सचिव रेखा यादव ने बच्चों को मिल रही मूलभूत सुविधाओं, साफ-सफाई, शिक्षा और केस पैरवी की स्थिति की जानकारी ली। प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि सभी किशोरों को अधिवक्ता उपलब्ध कराए गए हैं। सचिव ने बच्चों को शिक्षा पर ध्यान देने, गलत कार्यों से दूर रहने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मनोरंजन के साधन, पुस्तकों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। इसके बाद सचिव ने हाउसिंग बोर्ड स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया, जहाँ 9 वृद्धजन उपस्थित मिले। उन्होंने वृद्वजनों से उनके रहन-सहन, भोजन, स्वास्थ्य, पेंशन और डॉक्टर विजिट के संबंध में जानकारी ली। सर्दी के मद्देनजर रजाइयों और हीटर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। रसोईघर का निरीक्षण कर भोजन व्यवस्था की समीक्षा की गई। आधार कार्ड और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए। जर्जर भवन के संबंध में बताया गया कि वृद्धाश्रम को जल्द ही अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। सचिव ने वृद्धों को भरण-पोषण से जुड़े कानूनों की जानकारी दी और कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। अंत में, सचिव ने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्भया योजना के तहत संचालित इस केंद्र में पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध चिकित्सा, कानूनी सहायता और मानसिक परामर्श सेवाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के समय एक बालिका उपस्थित थी, जिसकी देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। सचिव ने 181 महिला हेल्पलाइन की जानकारी देते हुए पीड़ित महिलाओं और बच्चों से इसका लाभ उठाने की अपील की।


