मनाली-लाहौल में बर्फ देखने उमड़े टूरिस्ट:महिला पर्यटक बोलीं- ऊपर से स्नो लाकर फ्राड कर रहे; डेढ़ किमी लंबा जाम लगा

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति के पर्यटन स्थलों पर इन दिनों बर्फ देखने के लिए देशभर से पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इससे पर्यटन स्थलों पर एक बार फिर रौनक लौट आई है। बर्फ के बीच पर्यटक मौज-मस्ती करते, फोटोशूट कराते, स्कीइंग और स्नो स्कूटर का जमकर आनंद उठा रहे हैं। हालांकि, इसके चलते मनाली और लाहौल के कई इलाकों में लंबा जाम देखने को मिला। दूसरी ओर, लाहौल-स्पीति के ऊंचे पहाड़ों को छोड़ दें तो अभी निचले पर्यटन क्षेत्रों में बर्फबारी नहीं हुई। बावजूद इसके, बर्फ देखने की चाह में पर्यटक रोहतांग पास, ग्रांफू, कोकसर और शिंकुला दर्रा का रुख कर रहे हैं। ग्रांफू में जाम, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल लाहौल-स्पीति के ग्रांफू में दर्जनों वाहन ट्रैफिक जाम में फंसे रहने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, मंगलवार और बुधवार को रोहतांग दर्रा सड़क की मरम्मत के चलते बंद रखा गया है। इस वजह से अधिकांश टूरिस्ट ग्रांफू की ओर जा रहे हैं, जिससे डेढ़ किमी लंबा जाम लग गया। स्थानीय प्रशासन को ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। बर्फ ढोकर लाने के आरोप, टूरिज्म सेक्टर में बहस
इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें आरोप लगाया जा रहा है कि मनाली में गाड़ियों में बर्फ भरकर लाया जा रहा है और उसे समतल जगहों पर डालकर पर्यटकों से पैसे वसूले जा रहे हैं। 31 सेकेंड के एक वायरल वीडियो में एक महिला यह कहते हुए नजर आ रही है कि ये देखिए ये हो रही स्नोफॉल, गाड़ी से बर्फ उतारते हुए, हमारे कुछ भैया लोग, रहा सवाल पब्लिक का, तो ये देखिए पब्लिक उतर गई मैदान में, सूट-बूट पहनकर, फोर बाय फोर गाड़ियों में आते हुए, 2000 रुपए देकर पहले गाड़ियों में आए, अब 5000 देकर एक्टिविटी कर रहे। पर्यटन कारोबारी बोले- फ्रॉड नहीं, टूरिस्ट की डिमांड महिला के आरोपों पर स्थानीय पर्यटन कारोबारी राजेश चंद ने सफाई देते हुए कहा कि यह फ्रॉड नहीं, बल्कि पर्यटकों की मांग के अनुसार की जा रही व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि अधिकांश टूरिस्ट रोहतांग, ग्रांफू या शिंकुला दर्रा तक नहीं जा पाते। न तो सभी के पास फोर-बाय-फोर वाहन होते हैं और न ही हर कोई उसका खर्च उठा सकता है। ऐसे में ऊंचे पहाड़ों से बर्फ लाकर सुरक्षित समतल जगहों पर रखी जाती है, ताकि टूरिस्ट बर्फ के बीच फोटो खिंचवा सकें। मनाली-सोलंगनाला समेत इन इलाकों में भी लौटी रौनक लाहौल-स्पीति के बर्फीले पर्यटन स्थलों के अलावा मनाली, सोलंगनाला, बंजार, जिभी वैली, अटल टनल और मणिकर्ण घाटी में भी पर्यटकों की चहल-पहल बढ़ गई है।मनाली में वीकेंड पर होटल ऑक्यूपेंसी 60 फीसदी से ज्यादा और आम दिनों में भी 40 फीसदी से अधिक दर्ज की जा रही है। 20-21 दिसंबर को बर्फबारी की उम्मीद मनाली होटल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और होटेलियर अनूप ठाकुर ने बताया कि आपदा के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों को अब दुरुस्त कर लिया गया है। पहाड़ों पर पर्यटक लौटने लगे हैं। अगर 20 और 21 दिसंबर को बर्फबारी होती है, तो पर्यटन कारोबार को और पंख लगेंगे। इससे होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी ऑपरेटर्स, टूरिस्ट गाइड और एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े लोगों के चेहरे खिले हुए हैं। बाजारों में गर्म कपड़ों, स्थानीय हस्तशिल्प और खान-पान की दुकानों पर भी अच्छी भीड़ नजर आ रही है। कितनी दूरी, कितना समय मनाली से ग्रांफू की दूरी करीब 66 किलोमीटर है। रोहतांग दर्रा मनाली से लगभग 51 किलोमीटर, कोकसर 58 किलोमीटर और शिंकुला दर्रा करीब 170 किलोमीटर दूर है।मनाली से ग्रांफू तक का सफर करीब सवा तीन घंटे, कोकसर तक ढाई से तीन घंटे और शिंकुला दर्रा पहुंचने में 7 से 8 घंटे का समय लग सकता है।

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