जिला प्रशासन के निर्देशन में उप क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय ने बुधवार को एमएम ग्राउण्ड में रोजगार सहायता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें लगभग ढाई हजार बेरोजगार आशार्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें से लगभग 1600 युवाओं ने ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करवाया। शिविर में करीब छह सौ युवाओं को रोजगार मिला। शिविर का उद्घाटन बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानन्द व्यास ने किया। उन्होंने सभी स्टॉल्स का निरीक्षण करते हुए नियोक्ताओं द्वारा उपलब्ध करवाई गई वैकेंसी की जानकारी ली। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में एक वर्ष में चार रोजगार सहायता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इनका उद्देश्य युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाना है। विधायक ने कहा कि सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में युवाओं के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अब तक 92 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। रोजगार कार्यालय के उपनिदेशक हरगोबिन्द मित्तल ने बताया-शिविर के दौरान 25 नियोक्ताओं ने 1200 से अधिक वैकेंसी उपलब्ध करवाई। मेले के दौरान ऑरिक मोटर्स ने 3 युवाओं केशव किराड़ू, देवदास एवं रक्षा कांगड़ा का चयन 4 लाख 80 हजार वार्षिक पैकेज में किया गया। शिविर में निजी क्षेत्र के नियोजकों के साथ 9 प्रशिक्षण संस्थानों एवं सरकारी विभागों सहित कुल 34 संस्थानों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने दिया रोजगार निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित नियोजकों जिसमें मोदी डेयरी, फोन-पे, भारत फाईनेंस इंक्ल्यूजन लिमिटेड, जीवनरक्षा हॉस्पीटल, कल्याण ज्वैलर्स, श्रीराम पापड़ प्राईवेट लिमिटेड, एपेक्स हॉस्पिटल, मारवाड़ ट्रकिंग प्राईवेट लिमिटेड, बीकानेर सिरेमिक्स, पे-टीएम, बीकानेर मोटर्स, स्वीगी, बेसिक पी.जी. कॉलेज, ड्यूनेक ऑटोमोबाईल्स, प्रेम एग्रो प्रोडक्ट्स, देसाई ब्रदर्स, श्री सोलर, आर्यन पब्लिक स्कूल, जीडीएक्स सिक्योरिटी, यूएसए आरओ, आरएनबी ग्लोबल यूनिवर्सिटी आदि संस्थानों ने 505 बेरोजगारों का रोजगार के लिए प्रारम्भिक चयन किया।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, आरसेटी, लीड बैंक, राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम, राष्ट्रीय इलेक्ट्रोनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, एसबीआई लाईफ इंश्योरेन्स, भारतीय जीवन बीमा निगम, बालाजी डिजीटल सर्विस, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग, महिला अधिकारिता विभाग तथा राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद आदि संस्थानों द्वारा 82 बेरोजगार प्रार्थियों को व्यावसायिक मार्गदर्शन दिया।


