इंदौर शहर के बीच मेट्रो को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई:कोर्ट ने शासन को 2 दिन में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा; अगली सुनवाई 28 जनवरी को

इंदौर शहर के बीच में मेट्रो ट्रेन शुरू करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें आज शासन की को जवाब पेश करना था लेकिन आज भी पेश नहीं किया गया। इस पर कोर्ट ने शासन को दो दिनों में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है। आज सुनवाई में याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी कोर्ट में उपस्थित हुए और अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इसका प्रस्ताव और प्रेजेंटेशन जिला योजना समिति के पास रुका हुआ है। इस पर कोर्ट ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि इस मामले में प्रमुख सचिव के सामने सुनवाई कर निर्णय दें। मामले की सुनवाई अब 28 जनवरी को होगी। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट में शासन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया था। याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी ने इस पर आपत्ति लेते हुए कोर्ट से आग्रह किया कि 11 महीने से शासन की ओर से जवाब नहीं दिया जा रहा है। इसलिए इस प्रोजेक्ट पर स्टे दे दीजिए। हाईकोर्ट ने इस पर शासन को आखिरी मौका देते हुए 18 दिसंबर को आखिरी सुनवाई के लिए तारीख दी थी। प्रशासनिक जज विजयकुमार शुक्ला, जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। पिछली सुनवाई पर शासन की ओर से कोई जवाब पेश नहीं किया गया। वहीं मेट्रो के वकील भी उपस्थित नहीं थे। पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी ने बताया कि बंगाली चौराहे से एयरपोर्ट तक मेट्रो चलाने की योजना बनाई जा रही है। इस हिस्से में मेट्रो चलने से शहर की तस्वीर ही बिगड़ जाएगी। ऐतिहासिक स्थलों के लिए खतरा हाईकोर्ट, रानी सराय, राजबाड़ा जैसी ऐतिहासिक महत्व के स्थल हैं, जिन्हें खुदाई से बहुत खतरा है। पुरातत्व विभाग से भी कोई अनुमति इस रूट के लिए नहीं ली गई है। वहीं जिला योजना समिति में भी इस प्रोजेक्ट को सहमति के लिए कभी रखा ही नहीं गया। सीएम ने की है अंडरग्राउंड मेट्रो की घोषणा हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेट्रो के दूसरे फेस में खजराना वाली रोड से ट्रेन का संचालन अंडर ग्राउंड की घोषणा की है। मामले में याचिकाकर्ता ने कहा कि मेट्रो अंडर ग्राउंड चले या एलिवेटेड, दोनों ही तरह से शहर और व्यापारियों को भारी नुकसान है। शहर में वैसे ही हरियाली का संकट है। हजारों की संख्या में पेड़ काटे जाएंगे। रीगल तिराहे स्थिति पेड़ों पर हजारों तोते रहते हैं। मेट्रो के लिए खुदाई होगी तो सबसे पहले ये पेड़ ही कटेंगे। अब 800-900 करोड़ का अतिरिक्त खर्च मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, शहर के सभी जनप्रतिनिधि और एसीएस संजय दुबे की मौजूदगी में बंगाली से पलासिया तक मेट्रो को किस रूप में तैयार किया जाए, इसके लिए बैठक हुई थी। अब चूंकि मेट्रो को अंडरग्राउंड चलाना तय हुआ है तो इसके लिए 800-900 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आ रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *