मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को जवाहर कला केन्द्र में सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने देश-प्रदेश की महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से लगाई गई विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए उत्पादों के बारे में जानकारी ली और उनके हुनर की प्रशंसा की। इस अवसर पर भजनलाल शर्मा ने लखपति दीदी एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से आत्मीयता के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सशक्त हो रही हैं। जिससे ग्रामीण व्यवस्था का विस्तार हो रहा है। वे अपना घर संभालने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रही हैं। सीएम से मुलाकात के दौरान महिलाओं ने उन्हें कहा कि हम स्वयं सहायता समूह के साथ काम करती हैं और घर पर बच्चों और पतियों को भी संभाल रही हैं। घर जाने के बाद पति बिस्तर पर खाना मांगते हैं, वह भी बनाकर देतीं है।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे अपनी बहनों पर गर्व है, वे एक नहीं चार-पांच काम एक साथ करती हैं। ये स्वयं आत्मनिर्भर है और आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस मेला इस बात का प्रमाण है कि जब सही नीति, सशक्त संस्थागत ढांचा और प्रभावी क्रियान्वयन एक साथ आते हैं तो ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी और समावेशी परिवर्तन संभव होता है। यह मेला आत्मनिर्भर राजस्थान-आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का प्रतीक भी है। उल्लेखनीय है कि 4 जनवरी, 2026 तक चलने वाले इस सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले में ग्रामीण भारत की समृद्ध परंपराओं, शिल्प कौशल एवं कलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस मेले में राजस्थान सहित 24 राज्यों की लगभग 300 स्टॉल्स लगाई गई हैं। इनमें देश के विभिन्न हिस्सों की ग्रामीण परंपरा, लोक कला, लोक शिल्प, वस्त्र परंपराएं, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। इस दौरान मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा, आजीविका परियोजनाएं एवं स्वयं सहायता समूह की स्टेट मिशन निदेशक नेहा गिरी सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
नेहा गिरी ने कहा कि यह आयोजन देशभर की महिलाओं को एक मंच दे रहा है, जहां उन्होंने अपने हाथों के बनाए उत्पादों को प्रदर्शित किया है। यहां आपको देश की सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरती नजर आ जाएगी।


