मऊगंज कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पिछले तीन दिन से चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने अर्धनग्न होकर विरोध जताया और नारेबाजी की। पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। धरना कलेक्टर के निज सचिव पंकज श्रीवास्तव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर किया गया था। 15 दिसंबर से कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर रहे थे। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे सात प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार तक पहुंचे। अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने लगे। इससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एसडीएम राजेश मेहता और एसडीओपी सचि पाठक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाकर हिरासत में ले लिया। गौरतलब है कि प्रदर्शन के एक दिन पहले 17 दिसंबर को प्रदर्शनकारी विश्वामित्र मुंद्रिका त्रिपाठी, कुंज बिहारी तिवारी और रामेश्वर गुप्ता के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। गुरुवार को पुलिस ने इन्हीं तीनों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया। एसडीओपी सचि पाठक ने बताया कि धारा 163 का उल्लंघन करने, अर्धनग्न होकर कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में सभी सातों को धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया। उन्हें तहसील न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। तस्वीरें देखिए…


