मेरठ के मोईन हत्याकांड में उसके सौतेले भाई नईम और तसलीम सहित सगी भाभी नजराना पर केस दर्ज हुआ है। मृतक आसमां के भाई शफीक ने तीनों पर अपनी बहन, बहनोई से प्रापर्टी के कारण रंजिश रखने, उधार रकम वापस मांगने के कारण दुश्मनी रखने की बात कहते हुए हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने इसी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। परिवार के यही तीनों लोग वो चेहरे हैं जो इस हत्याकांड में शामिल हैं। इसमें सौतेले भाई नईम और तस्लीम मुख्य आरोपी है।
पुलिस इंवेस्टिगेशन के अनुसार हत्या की साजिश नईम ने रची, तस्लीम ने बखूबी वारदात को अंजाम दिया और नजराना ने इसमें सहयोग दिया है। पूरे परिवार की हत्या का मुख्य कारण प्रापर्टी और साढ़े चार लाख रुपया है जो मोइन ने भाई अमजद की पत्नी नजराना को मकान बनाने के लिए उधार दिया था।
तसलीम व नजराना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी बताए जाने वाला नईम फरार है। उसकी लास्ट लोकेशन राजस्थान मिली है। जहां पुलिस की दो टीमें राजस्थान में उसकी अरेस्टिंग के लिए गई हैं। पोस्टमार्टम में आई सिर में चोट बिसरा किया गया प्रिजर्व
पांचों डेडबॉडी का बिसरा प्रिजर्व कर दिया गया है। रिपोर्ट में पांचों के सिर में भारी चीज से चोट लगना आया है। नशीली चीज खिलाई है या नहीं बेहोशी के लिए क्या किया गया यह अभी क्लियर नहीं है इसलिए बिसरा प्रिजर्व किया गया है।
नईम, तस्लीम हैं मोइन के सौतेले भाई
दरअसल नईम, तस्लीम दोनों ही मोइन के सौतेले भाई बताए जा रहे हैं। मोईन के पिता की दो शादियां हुई थीं। इसमें पहली पत्नी से तस्लीम और नईम दो बेटे हैं। हत्याकांड के 3 मेन बड़े कारण
1. सौतेले भाइयों में प्लॉट का झगड़ा
मोइन के अब्बू का एक प्लाट मेरठ फतेहउल्लापुर में है। इस प्लॉट पर दोनों सौतेले भाई और मोइन उसके भाई सभी अपना हक जताते हैं। लेकिन नईम, तस्लीम ये प्लॉट हड़पना चाहते हैं। लंबे समय से ये विवाद चल रहा था। इसलिए नईम, तसलीम के पास मोइन को मारने का बड़ा मोटिव अब्बा का वो प्लॉट है। जिसे वो पूरी तरह हथियाना चाहते थे। क्योंकि मोइन का एक भाई अमजद जेल मे हैं। दूसरे भाई रुढ़की और किठौर मे रहते हैं। वो मेरठ नहीं आते। पिता के प्लॉट पर मोइन ही अपने भाइयों की तरफ से दावेदारी करता था। इसलिए नईम, तस्लीम ने उसे अपने रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। 2. मोइन के मकान पर कब्जा, आपसी जलन
नईम, तसलीम ने खुद मोइन के परिवार को खत्म करने का प्लान बनाया। इस प्लान में उन्हें घर का एक भेदी चाहिए था। जो नजराना बनी। नजराना का पति अमजद तीन महीने से दिल्ली जेल में बंद है। नजराना के परिवार का खर्चा मोइन उठाता है। परिवार में मोइन अकेला ऐसा भाई है जिसके पास कुछ पैसा है। नजराना इससे मन ही मन जलती थी। मोइन से नजराना के पति ने मकान के लिए साढ़े चार लाख रुपया उधार लिया था। मोइन लगातार नजराना से वो रकम मांग रहा था। लेकिन नजराना ने रुपए नहीं लौटाए। वो पैसे न देने पड़ें और भाई- भाभी से मनमुटाव के कारण नजराना मोइन के परिवार को रास्ते से हटाना चाहती थी। ताकि मोइन के मरने के बाद उसके मकान पर कब्जा कर सके। 3. अवैध संबंध
शक है कि नजराना का सौतेले भाइयों तसलीम या नईम या फिर तसलीम के बेटे से गलत संबंध भी है। इसी संबंध का फायदा उठाकर इन लोगों ने नजराना को बहकाया और हत्याकांड में शामिल होने के लिए उकसाकर वारदात को अंजाम दिया है।
अब तीनों पर शक कैसे हुआ इसकी 3 बड़ी वजहें पढ़िए 1. नईम पर पहले से मुकदमा दर्ज, हत्याकांड के बाद से फरार
नईम तंत्रमंत्र करता है, माना जा रहा है कि मोइन की छोटी बेटी के इलाज और बेटा पैदा कराने के बहाने वो तंत्रमंत्र करता था। इसलिए घर में उसका खूब आना जाना था। नईम पर नासिक में फ्रॉड का मुकदमा दर्ज है। साथ ही अन्य मुकदमे भी हैं। रुढ़की पुआना में भी इस पर किसी हत्या का मुकदमा बताया जा रहा है। हत्या के बाद से ही नईम फरार है। मोबाइल बंद है।
मोइन के ससुराल वालों का आरोप है कि नईम ने पैसों की खातिर हत्या की है। आरोप है कि नईम और अमजद की पत्नी नजराना दोनों के आपस में अवैध संबंध है। नजराना के घर 1 महीने से काट रहा था चक्कर, वारदात के दिन पी चाय
यह भी पता चला है कि बुधवार को वारदात के बाद नईम नजराना के घर गया था। यहां उसने चाय भी पी थी। पिछले 1 महीने से नईम मेरठ में आकर रहने लगा। जबकि इससे पहले वो बाहर रहता था। लेकिन एक महीने से लगातार नईम का नजराना के यहां आना जाना बढ़ गया था।
2. तसलीम ने कहा था गेट का ताला तोड़़ो और पलंग के बॉक्स खोलकर चैक करो
हत्याकांड का दूसरा आरोपी नईम का भाई तसलीम है। जिसे पुलिस ने गुरुवार रात सबसे पहले हिरासत में लिया था। पुलिस जब मौका ए वारदात पर पहुंची तो वहां सबसे पहले मोइन का भाई सलीम मिला। बताया जा रहा है कि सलीम का असली नाम तसलीम है लेकिन इसने सभी को अपना झूठा नाम सलीम बताया। जब मुकदमा लिखा गया तब उसका असली नाम सामने आया।
वहीं पुलिस ने क्राइम सीन पर पहुंचकर सबसे पहले सलीम से पूछताछ शुरू कर दी। अकेले कमरे में खुद एसपी सिटी ने एक घंटा तसलीम से पूछताछ की है। पूछताछ में पता चला कि तसलीम ने ही सबसे पहले मोइन के घर का ताला तोड़ने और पलंग के बॉक्स खोलकर देखने की बात कही थी। जबकि मौके पर और भी लोग थे किसी का ध्यान इन दोनों बातों पर नहीं गया। इसलिए पुलिस को तसलीम पर पहले ही शक था। उसे गुरुवार रात ही हिरासत में ले लिया था। नजराना ने भी पूछताछ में तसलीम का नाम उगला है। तसलीम के बेटे ने छत से झांककर किया था कंफर्म
वहीं यह भी पता चला कि बुधवार रात मोइन के परिवार की हत्या होने के बाद तसलीम का बेटा मोइन के मकान में छत के रास्ते गया उसने झांककर देखा कि सारा काम ठीक से हो गया है।
3. नजराना ने बार-बार बदले बयान
तीसरी आरोपी नजराना पर पुलिस को पहले से शक था। नजराना और मोइन के घर में कुल 50 मीटर का फासला है। रिश्तेदार होने के नाते नजराना से पुलिस पूछताछ कर रही थी। लेकिन नजराना बार-बार अपने बयान बदल रही थी। वो पुलिस पूछताछ में कॉपरेट भी नहीं कर रही थी। नजराना से पुलिस की 4 टीमों ने घर पर गुरुवार को 4 घंटे पूछताछ की है। पहले थाना पुलिस ने नजराना से पूछताछ की तो उसने कुछ और बातें बताई। इसके बाद दरोगा ने नजराना से पूछताछ की तो उसके बयान में अंतर आया। अंत में एलआईयू की महिला टीम नजराना से पूछताछ करने गई तो उसने कुछ और बातें बताईं। नजराना ने मोइन का मोबाइल नंबर, अपने रिश्तेदारों के नाम, पते कुछ भी पुलिस को नहीं बताए। वो कभी कुछ बताती कभी कुछ इसलिए पुलिस को उस पर शक था। देर रात तहरीर में उसका नाम भी आ गया। नजराना पर मोइन के पैसे भी उधार थे और प्लाट भी एक कारण था। आसमां ने पूरे मोहल्ले में लड्डू बांटे लेकिन नजराना को नहीं दिए
पड़ोसियों ने बताया कि नजराना शुरू से मन ही मन मोइन और उसकी पत्नी आसमां से जलती थी। क्योंकि इस खानदान में मोइन ही अकेला था जिसके पास पैसा है। नजराना का पति अमजद जेल में है। जिस मकान पर मोइन ने बुधवार को लेंटर डाला वो जमीन नजराना के पति अमजद के नाम बताई जा रही है। इसके लिए उसने मोइन से पैसा उधार लिया था। जब अमजद जेल चला गया और मोइन को अपनी रकम भी नहीं मिली तो उसने अमजद के प्लाट पर मकान बनाना शुरू कर दिया। इस बात से नजराना नाराज थी। वो मन ही मन मोइन से खफा थी। इसी बदले की आग के चलते उसने ये कदम उठा लिया हो। लेँटर पड़ने के बाद बुधवार को आसमां ने पूरे मोहल्ले के हर घर में लड़डू बांटे लेकिन अपनी ही देवरानी नजराना को छोड़ दिया न ही उसके घर में लड्डू दिए। नजराना इस बात से भी नाराज थी। नजराना का प्लॉट आसमां ने अपने नाम कराया था
सुहेल गार्डन में एक परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में मृतका आसमा के भाई का आरोप है कि मोइन के भाई अमजद की पत्नी नजराना के प्लाट का बैनामा आसमा ने अपने नाम करा लिया था। इसी रंजिश में नजराना ने जेठ तस्लीम और नईम बाबा के साथ मिलकर परिवार की हत्या की है। बताया कि मोइन कुछ दिन पहले ही रुड़की से अपना मकान बेचकर और कमेटी की रकम लेकर मेरठ आया था। यहां पर उसने प्लाट खरीदकर मकान का निर्माण शुरू कर दिया था।
इस तरह की गई नृशंस हत्या
पुलिस इंवेस्टिगेशन और पूछताछ के अनुसार अब तक जहां पुलिस पहुंची है उसके अनुसार हत्याकांड को बहुत सोचे समझे तरीके से अंजाम दिया गया। पहले भाभी नजराना ने लेंटर डलने के बाद मोइन के परिवार को खाना खिलाने की बात कही। नजराना ने घर जाकर मोइन के परिवार को खाने में नशीली चीज मिलाकर खिलाई। जिससे पूरा परिवार बेहोश हुआ। इसके बाद नजराना ने नईम, तसलीम को बताया कि रास्ता साफ है काम करने चले जाओ। तसलीम, नईम इसके बाद मोइन के घर मे घुसे। दोनों ने मिलकर पहले पांचों लोगों के सिर पर भारी चीज से वार किया। इसके बाद मोइन और आसमां दोनों के हाथ पैर बांधे।
सबसे पहले मोइन का गला रेता। इसके बाद आसमां और तीनों बच्चियों का गला काटा। शरीर में और जगह भी काटा। इसके बाद लाशों को बोरी और चादरों में बांधकर पलंग के बॉक्स में डाल दिया।
इसके बाद दोनों लोग दरवाजे बंद कर गेट पर ताला मारकर दोबारा नजराना के घर पहुंचते हैं। नजराना के घर पर पहले से तसलीम का बेटा मौजूद था। जो दोबारा छत के रास्ते मोइन के घर जाता है वहां ऊपर से झांककर देखता है कि सब ठीक है। इसके बाद वो नजराना के घर आकर तीनों लोगों को बताता है कि काम पूरा हो चुका है। इसके बाद नईम यहीं चाय पीता है। हत्याकांड के बाद से नईम फरार
पुलिस ने गुरुवार को जब नईम को फोन किया और कहा कि तुम्हारे भाई के परिवार की इस तरह हत्या हो गई है तुमसे पूछताछ करनी है मेरठ आ जाओ। इसके बाद से नईम का मोबाइल भी बंद है।
जबकि सलीम को पुलिस ने गुरुवार रात सबसे पहले हिरासत में ले लिया था। पूरे खानदान में बस मोइन के पास ही था रुपया
पड़ोसियों ने बताया कि मोइन ने हाल में रुड़की में अपना मकान बेचा जिसका 12 लाख रुपया उसके पास था। इस 12 लाख में से 10 लाख रुपया मोइन ने मकान में लगाया। बाकी 2 लाख रुपया उसके पास रखा था। यह बात केवल घरवालों को मालूम थी, शायद उन्हीं रुपयों के लिए हत्या की गई हो। इस पैसे से नजराना ही नहीं नईम भी जलता था। वहीं भतीजा तसलीम भी पैसे और अवैध संबंधों के कारण सस्पेक्ट माना जा रहा है। आसमां के भाई ने दी है तहरीर
आसमां के भाई शफीक की तरफ से गुरुवार देर रात एक तहरीर लिसाड़ी गेट थाना पुलिस को दी गई है। भाई शफीक ने अपनी छोटी बहन आसमां और बहनोई मोइन उसकी तीनों बेटियों की नृशंस हत्या में 3 लोगों को नामजद किया है। 2 अज्ञात है। 3 नामजद में मोइन के भाई अमजद की पत्नी नजराना, भाई नईम और तसलीम हैं। पुलिस ने नजराना और तसलीम को देर रात ही हिरासत में ले लिया। वहीं परिवार के अन्य सदस्यों को भी पुलिस हिरासत में लेकर थाने ले आई। जहां दिन भर घर के हर सदस्य से पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ की है।
उधर भाई नईम फरार है। नईम की लास्ट लोकेशन पुलिस को राजस्थान मिली है। हत्याकांड के बाद से ही नईम फरार है। पुलिस की 2 टीमें नईम को पकड़ने के लिए राजस्थान भेजी गई हैं।


