कोटा रिवर फ्रंट पर जो सबसे आकर्षित चीज बनने वाली थी लगता है वह नहीं बन पाएगी। इसके लिए तत्कालीन समय के कर्ताधर्ता जिम्मेदार हैं। उन्होंने इसका लोकार्पण करने में जल्दबाजी की। उस जल्दबाजी में जो लापरवाही हुई वह उसका मूल कारण था। उसमें मर्ग दर्ज हुई थी। पुलिस ने उस दिशा में जो कार्रवाई की उसका विशेष प्रभाव नहीं है। कोटा सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि रिवर फ्रंट को लेकर विशेषज्ञों से बात हुई तो उनका कहना था विश्व के सबसे बड़े घंटे को खोलने वाला विशेषज्ञ अब तक नहीं मिला है। जो सही सलामत खोल दें। लगता है ये खण्डर के रूप में ही देखने को मिले। रिवर फ्रंट व सिटी पार्क की एंट्री फीस कम करने के सवाल पर उन्होंने कहा रिवर फ्रंट आज की तारीख में हमारे लिए सफेद हाथी है। वहां मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं हो पाई, वृक्षारोपण व हरियाली नहीं हो पाई। इस सम्बंध में मंथन कर रहे है रिवर फ्रंट को किस प्रकार आर्थिक रूप से ना लाभ, ना हानि की स्थिति में कैसे आए? लोगों की रुचि रिवर फ्रंट की तरफ बढ़े, पर्यटकों को भी आकर्षित करने के लिए क्या प्रयास किया जा सकते हैं। इस दिशा में मंथन चल रहा है और कोशिश करेंगे जनवरी में यहां के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे। उन्होंने बताया कि चंबल गार्डन को लेकर नगर निगम ने कुछ प्लान किया है लेकिन उसनें पर्यावरण की समस्या,एनजीटी प्रकरण है। जैसे अजमेर में सेवन वंडर के साथ हुआ। सारे विधिक परीक्षण के बाद ही इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। कोटा में नई आवासीय योजना नहीं आने के सवाल के जवाब में मंत्री खर्रा ने कहा प्रदेश भर के नगर निगम, नगर परिषद , नगर विकास न्यास, विकास प्राधिकरण, आवासन मंडल को निर्देश दिए हैं कि वह मांग का आकलन करें। मांग के आंकलन के अनुसार अपनी योजनाएं सृजित करें। अगर कोटा में मांग होगी तो निश्चित रूप से नई योजनाएं सृजित करवाएंगे। सरकार के दो साल में कोटा में सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम तो पूरे राजस्थान को लेकर चलते है। कोटा का फीडबैक लेने आए है। सुबह अधिकारियों से फीडबैक लेंगे। इससे पहले कोटा सर्किट हाउस में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा व भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन की अगुवाई में प्रति5 कार्यकर्ताओ ने मंत्री झाबर सिंह खर्रा का स्वागत किया। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा शुक्रवार को नगर निगम कोटा व कोटा विकास प्राधिकरण में आयोजित फोलाअप शिविर में सम्मिलित होकर, चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा करेगे।


