जयपुर पुलिस ने जाली नोट छापने और बाजार में चलाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सूत्रधार गौरव पुंडीर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर ले जाया गया है। इनपुट मिलने के बाद राजस्थान पुलिस की टीम बुधवार देर रात सहारनपुर पहुंची थी। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस गौरव पुंडीर के घर पहुंची, जहां नकली नोटों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। उसके पास से जाली नोट छापने के उपकरण और 6.51 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गौरव पुंडीर के खिलाफ पहले भी जाली नोट से जुड़े मामले दर्ज हैं। स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशन) राहुल प्रकाश ने गुरुवार को इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया- चित्रकूट थाना पुलिस ने जाली नोट के मामले में झालावाड़ के दुबालिया निवासी गोविंद चौधरी और चित्रकूट निवासी देवेश फांडा को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में पता चला कि वे जाली नोट उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लाए थे। पुलिस ने मास्टरमाइंड को जाली नोट खरीदने के बहाने बुलाया इस जानकारी के आधार पर पुलिस की एक टीम ने डिकॉय ऑपरेशन चलाया। टीम जाली नोट के खरीदार बनकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पहुंची। वहां गिरोह के मास्टरमाइंड गौरव पुडीर को जाली नोट खरीदने के बहाने मिलने बुलाया गया और उसे मौके पर ही धर दबोचा गया। आरोपी गौरव पुडीर ने सहारनपुर में नकली नोट छापने की एक फैक्ट्री लगा रखी थी। पुलिस ने फैक्ट्री से एक कंप्यूटर, तीन प्रिंटर और अन्य संबंधित उपकरण जब्त किए हैं। इसके साथ ही वहां से छापे गए नकली नोट भी बरामद किए गए। छह महीनों से चला रहा था नकली नोटों का कारोबार, 6 लाख चंडीगढ़ और 3 लाख रुपए कश्मीर भेजें प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह पिछले छह महीनों से नकली नोटों का कारोबार कर रहा था। उसने छह लाख रुपए के नकली नोट चंडीगढ़ में एक व्यक्ति को दिए थे। पुलिस की एक टीम उस व्यक्ति की तलाश में चंडीगढ़ पहुंच गई है। इसके अलावा, आरोपी ने कश्मीर में भी तीन लाख रुपए के जाली नोट भेजने की बात स्वीकार की है, जिसकी पड़ताल भी जारी है। एक लाख के बदले तीन लाख के नकली नोट स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशन) राहुल प्रकाश ने बताया- आरोपी एक लाख रुपए लेकर तीन लाख रुपए के नकली नोट देता था। प्रिंटर से छपे होने के कारण इनकी क्वालिटी बहुत अच्छी नहीं है, लेकिन कम जानकर लोगों को यह नोट खपाने की फिराक में ये बदमाश रहते हैं। इन नकली नोटों को रात के अंधेरे में सब्जी मंडियों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और खासतौर पर बुजुर्गों को निशाना बनाकर खपाया जाता था। इसके साथ ही रात के अंधेरे में ये लोग इन नोटों को खपाने का प्रयास करते हैं। इस गिरोह से जुड़े लोगों की नागौर में भी गिरफ्तारी हुई है। उनका कहना है कि आरोपी से गहनता से पूछताछ में इस गिरोह से जुड़ी कई अहम जानकारी सामने आने की संभावना है।


