मेरठ पब्लिक स्कूल ग्रुप के संस्थापक ताराचंद शास्त्री का आज शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। वह अपने पीछे पत्नी, बेटा और तीन बेटियों को रोता बिलखता छोड़ गए। उनका अंतिम संस्कार सूरजकुंड पर शाम साढ़े पांच बजे हुआ।
ताराचंद शास्त्री शामली के रहने वाले थे। उन्होंने मेरठ में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान करते हुए मेरठ पब्लिक स्कूल ग्रुप की स्थापना की थी। इनकी दूरदर्शिता के कारण कम समय में स्कूलों ने सफलता हासिल कर ली थी। उनका कांग्रेस से गहरा नाता था। कांग्रेस के अलावा बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल से जुड़ कर भी उन्होंने राजनीति की। बसपा सुप्रीमो मायावती ने इनको राज्यमंत्री बनाया था। 1998 में बसपा के मुजफ्फरनगर और मेरठ के जिला अध्यक्ष भी रहे। कांग्रेस में जिला उपाध्यक्ष, प्रदेश सचिव और कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। कांग्रेस के एआईसीसी सदस्य भी रहे। ताराचंद शास्त्री कई सामाजिक संगठनों से भी जुड़े थे। श्रम मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति, ऑल इंडिया पंचायत परिषद पटना के सदस्य व अखिल भारतीय महात्मा फुले समता परिषद के इंचार्ज थे। उन्होंने मेरठ पब्लिक स्कूल ग्रुप के आठ स्कूलों की स्थापना की। जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक आचार्य प्रमोद कृष्णन कल्कि पीठाधीश्वर ने भी ताराचंद शास्त्री के निधन पर दुख प्रकट किया। कांग्रेस के पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, बीजेपी सांसद अरुण गोविल, पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक अमित अग्रवाल, राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने ताराचंद शास्त्री के निधन पर शोक व्यक्त किया।


