खंडवा में अतिक्रमणकारियों का दुस्साहस:वन अमले पर हमला, चार घायल, एक की हालत गंभीर, जान बचाकर भागे वनकर्मी

सरमेश्वर रेंज की सीताबेड़ी में वन भूमि पर गड्ढे (सीपीटी) करने की कार्रवाई करने पहुंचे वन अमले पर अतिक्रमणकारियों ने पथराव कर दिया। गोफन से फेंके गए पत्थर आसमान की ओर से गिरते देख वनकर्मी जान बचाकर भागे। इस हमले में चार वनकर्मी घायल हो गए। जिनमें से एक की हालत नाजुक है। वहीं, 4 गाड़ियों में तोड़फोड़ हो गई। पिपलोद पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज किया है। सरमेश्वर बीट के रेंजर मनीष पांडेय ने बताया क्षेत्र में करीब डेढ़ सौ हेक्टेयर वन भूमि के जंगल को अतिक्रमणकारियों ने काट दिया है। सीपीटी की कार्रवाई करने के लिए शुक्रवार सुबह करीब सवा 8 बजे 50 वनकर्मी कक्ष क्रमांक 760 में पहुंचे। जेसीबी व पोकलैंड से वन क्षेत्र की बाउंड्री और अंदर की तरफ गड्ढे किए जा रहे थे। जिससे अतिक्रमणकारी वन भूमि पर ट्रैक्टर चलाकर उसमें फसल न लगा सके। करीब साढ़े 11 बजे 60-70 फीट दूर से कुख्यात अतिक्रमणकारी दुल सिंह, उसके 3-4 बेटे सहित अन्य 15-20 अतिक्रमणकारियों ने गोफन से पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पत्थर बरसते देख वनकर्मी अपनी गाड़ियों की तरफ भागे। लेकिन इस बीच उन्होंने गाड़ियों में भी तोड़‌फोड़ की। चार वनकर्मी संजय सिंह तोमर, एसएस अली, देवेंद्र सोलंकी सहित 4 लोगों को पत्थर लगे। तोमर को सिर के पिछले हिस्से में पत्थर लगा था जिसमें वह जमीन पर गिरकर बेहोश हो गए। आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। गोफन से बरसाए पत्थर
रेंजर पांडेय ने बताया कार्रवाई करने से पहले पिपलोद टीआई एसएन पांडे से बल की मांग की थी। लेकिन टीआई ने कहने लगे बल उपलब्ध नहीं है। फिर उनसे कहा कि किसी को तो हमारे साथ भेज दो। फिर टीआई ने डायल 100 जीप के साथ एक सिपाही भेज दिया। मुट्ठीभर अतिक्रमणकारियों के आगे 61 सुरक्षाकर्मी बेबस नजर आए। उन्हें यह अधिकार नहीं कि वे खुद की सुरक्षा करने अतिक्रमणकारियों पर सख्ती बरतें। इस तरह की घटनाओं से हमारे अमले का मनोबल कम नहीं होगा बल्कि आगे की कार्रवाई इससे भी अधिक सख्ती के साथ करेंगे। वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण की एक एक इंच भूमि वापस ली जाएगी। फिर से प्राकृतिक वन स्थापित किए जाएंगे।’ राकेश कुमार डामोर, डीएफओ

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