एजुकेशन रिपोर्टर | रांची यूजीसी की तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को रांची विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। यूजीसी की टीम ने रांची विश्वविद्यालय के बेसिक साइंस परिसर, पीजी आर्ट्स ब्लॉक सी और डी, मानविकी भवन, बहुद्देशीय परीक्षा भवन, सेंट्रल लाइब्रेरी और प्रशासनिक भवन का दौरा किया। इसके अलावा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय, ऑडिटोरियम, कक्षाओं, स्वास्थ्य केंद्र आदि को भी देखा। दिव्यांग स्टूडेंट्स, शिक्षक व कर्मचारियों को मिल रहीं सुविधाओं का मूल्यांकन किया। साथ ही, दिव्यांग छात्रों के लिए प्रोफेशनल कोर्स शुरू करने का सुझाव दिया। टीम में आंध्रप्रदेश डिग्री एंड पीजी कॉलेज केजी रामाकृष्णा रेड्डी, डॉ. हिमांशु दास, राष्ट्रीय संस्थान, विकलांग व्यक्तियों के सशक्तीकरण और यूजीसी के डिप्टी सेक्रेटरी डॉ. अमोल अंधारे शामिल थे। टीम ने कुलपति प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में तकनीकी सचिव और नोडल अधिकारी डॉ. बीके सिन्हा, कुलसचिव डॉ. विनोद नारायण, वित्त अधिकारी अजय कुमार, सीसीडीसी डॉ. पीके झा, वित्त पदाधिकारी डॉ. प्रीतम कुमार, प्रोक्टर डॉ. एमसी मेहता, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विकास कुमार और डिप्टी डायरेक्टर (वोकेशनल) डॉ. स्मृति सिंह शामिल थीं। दिव्यांगों को मिल रहीं सुविधाओं से टीम संतुष्ट बैठक में यूजीसी टीम ने विश्वविद्यालय द्वारा दी जा रहीं सुविधाओं की भी जानकारी ली। साथ ही, कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। इसके बाद यूजीसी की टीम ने रांची विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी सेमिनार हॉल में दिव्यांग छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से बातचीत की। टीम रांची विवि द्वारा दिव्यांग छात्रों कोे उपलब्ध कराई गईं सुविधाओं से संतुष्ट थी। टीम के सदस्यों ने दिव्यांग छात्रों और कर्मचारियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।


