कोटा में कोचिंग में कमी आने का सबसे बड़ा कारण यहां नशे का जाल फैला हुआ है। उसके कारण बाहर के राज्यों से आने वाले स्टूडेंटस में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है। कोटा के प्रति दूसरे राज्यों के पेरेंट्स के मन में कुछ संदेह उत्पन्न हुआ और उन्होंने नए कोचिंग हब की तरफ अपने बच्चों को भेजने में ज्यादा रुचि दिखाई। यह इसका मूल कारण है। पिछले दिनों आपने देखा होगा राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस से मिलकर झुंझुनू जिले में 100 करोड रुपए की नशे की फैक्ट्री का पता लगाकर उसकी नेस्तनाबूद किया है। कोटा सहित पूरे प्रदेश में नशे के खिलाफ प्रभावी अभियान शुरू किया है उसके माध्यम से हमारा प्रयास ही है जो दाग कोटा के माथे पर लगा वह पुलिस और प्रशासन के सहयोग से दूर कर कोटा वापस अपने वैभव को प्राप्त करें। उन्होंने कहा रिवर फ्रंट के विकास के लिए KDA प्रशासन की निवेशकों के साथ चर्चा हुई है, सुझाव मिले हैं। रिवर फ्रंट पर जितनी राशि खर्च हो रही है वह अब तक हमारे लिए सफेद हाथी था। रिवर फ्रंट पर लोगों को आकर्षित करने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजकल नव धनाढ्य वर्ग में एक नया प्रचलन डेस्टिनेशन मैरिज शुरू हुआ है। रिवर फ्रंट पर एक 10,000 वर्ग मीटर का भूखंड है। जिस पर हम होटल निर्माण के लिए निवेशकों से चर्चा कर रहे हैं। यहां लगभग 250- 300 कमरों के होटल का निर्माण हो। बाहर के लोग यहां आकर अपने परिवार के बेटे बेटियों के विवाह समारोह कर सकें। उदयपुर, जोधपुर, रणथंभौर जैसी जगह हो रहे हैं। कुछ इस तरह कोटा के रिवर फ्रंट को भी मिले ऐसा प्रयास है। कोटा में बिना नियमकायदों के बन रही बहुमंजिला इमारतों पर कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा किस कालखंड में किन-किन नियम कायदों का उल्लंघन हुआ अगर हम इस पर बात करना शुरू करेंगे तो बहुत लंबा विचार-विमर्श का दौर शुरू हो जाएगा। कोटा में जो नियम विरुद्ध काम हुए हैं शायद उसी का दुष्परिणाम रहा होगा कि यहां कोचिंग धीरे-धीरे कम होती जा रही है। जिन लोगों ने इस प्रकार से अनधिकृत हाइराइज बिल्डिंग के निर्माण कर लिए। हम इस पर मंथन कर रहे हैं विचार कर रहे हैं। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) व नगर निगम कोटा में आयोजित फॉलोअप शिविर में चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी, भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन मौजूद रहे। ये खबर भी पढ़े- खर्रा बोले- विश्व की सबसे बड़ी घंटी खंडहर ही रहेगी:रिवर फ्रंट को लेकर यूडीएच मंत्री ने कहा- घंटी खोलने के लिए विशेषज्ञ नहीं मिला कोटा रिवर फ्रंट पर जो सबसे आकर्षित चीज बनने वाली थी, लगता है वह नहीं बन पाएगी। इसके लिए तत्कालीन समय के कर्ताधर्ता जिम्मेदार हैं। उन्होंने इसका लोकार्पण करने में जल्दबाजी की। उस जल्दबाजी में जो लापरवाही हुई। वह उसका मूल कारण था। उसमें मर्ग दर्ज हुई थी। खबर पढ़े


