रेलवे ने गिराए घर, मुआवजे और पुर्नवास की मांग:लोग बोले- सिंगरौली-ललितपुर रेल लाइन परियोजना में जमीन अधिग्रहण किया जा रहा

सीधी जिले के नौढ़िया गांव के लगभग 70 हरिजन, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के परिवार शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। इन परिवारों के घर रेलवे की सिंगरौली-ललितपुर रेल लाइन परियोजना के तहत गिरा दिए गए हैं। प्रभावितों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द मुआवजे की मांग की। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे कई महीनों से इस मुद्दे पर प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। 6 महीने अनशन किया फिर नहीं मानी गईं मांगें स्थानीय निवासी रामकुमार विश्वकर्मा ने बताया कि इन लोगों ने छह महीने तक अनशन किया था। इसके बाद जल सत्याग्रह भी किया, जिसमें उन्होंने पानी में डूबने का प्रयास किया था। बावजूद इसके प्रशासन ने उनकी मदद नहीं की और तीन लोगों को जेल भेज दिया गया। लोग बोले- रेलवे घर गिराने की धमकी देता सरकारी अधिकारियों के अनुसार, ये घर रेलवे परियोजना के लिए आवश्यक स्थान पर बने थे। हालांकि, प्रभावित परिवारों का आरोप है कि उन्हें ठंड के मौसम में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बेघर कर दिया गया है। स्थानीय निवासी छठीलाल विश्वकर्मा ने बताया कि रेलवे अधिकारी उन्हें बार-बार घर गिराने की धमकी देते हैं। एसडीएम गोबदबनास राकेश शुक्ला ने आश्वासन दिया कि नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी और प्रशासन यह तय करेगा कि प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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