बूंदी जिले में खटीकों की गली, कागदी देवरा निवासी दिहाड़ी मजदूर लेखराज को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत पक्का मकान मिला है। लंबे समय से कच्चे और जर्जर मकान में रह रहे लेखराज का पक्के घर का सपना अब साकार हो गया है। लेखराज के परिवार में बुजुर्ग माता, पत्नी, बेटा और बेटी शामिल है। आर्थिक रूप से कमजोर है। लेखराज और उनका बेटा दोनों मजदूरी कर घर का गुजारा चलाते हैं। उनकी सीमित आय के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। हाल ही में उनकी बेटी की सगाई हुई थी, जिससे घर में शादी की तैयारियां शुरू हो गईं। एक ओर बेटी की शादी की जिम्मेदारी थी, वहीं दूसरी ओर जर्जर कच्चे मकान की चिंता भी उन्हें सता रही थी। सीमित आय में बेटी की शादी और घर का निर्माण एक साथ करना मुश्किल लग रहा था। इसी दौरान लेखराज को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने इस योजना के लिए आवेदन किया और उन्हें सहायता मिलनी शुरू हुई। योजना के तहत उन्हें मकान का कार्य प्रारंभ करने के लिए पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई। निर्माण कार्य को लिंटर स्तर तक पहुंचाने पर उन्हें दूसरी किश्त के रूप में 50 हजार की और राशि मिली। पक्की छत का सपना साकार होने पर लेखराज ने केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कल्याणकारी योजना से आज उनके पक्के घर का सपना पूरा हुआ है। शिविर में मिला मकान का पट्टा जिले में संचालित ग्रामीण समस्या समाधान शिविर देहित गांव निवासी रिकूं बैरवा के लिए वरदान साबित हुआ है। देहित में आयोजित शिविर में रिंकू इसी आस के साथ पहुंचा था कि उसको उसके मकान का पट्टा मिल जाएगा। इसके लिए वह काफी दिनों से प्रयासरत भी था, लेकिन अब तब सफलता नहीं मिल रही थी। मकान का पट्टा नहीं मिलने के कारण उसे मकान का विकास कराने के लिए बैंक से ऋण राशि भी नहीं मिल पा रही थी। देहित में आयोजित शिविर में रिंकू की इन परेशानियों का हल मिल गया। शिविर में पहुंचे रिंकू के आवेदन पत्र पर अधिकारियों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मकान का पट्टा तैयार कर हाथों हाथ ही उपलब्ध करा दिया। पट्टा पाकर रिंकू के चहरे पर मुस्कान थी। रिंकू ने कहा कि राज्य सरकार ने उसके जैसे गरीब व्यक्तियों की समस्याओं के समाधान के लिए ये शिविर लगाकर बहुत बढ़िया कार्य किया हैं।


