ठगों ने ठगी से आलीशान कोठियां तो बना ली लेकिन पुलिस के ऑपरेशन एंटीवायरस के चलते उन कोठिया में रात गुजारना मुश्किल हो रहा है। ठग अब आबादी क्षेत्र से निकलकर सरसों की खड़ी फसल के बीच में छोटा टेंट वाटरप्रूफ निर्मित ठिकाना तैयार कर अपना आशियाना बनाकर ठगी कर रहे हैं। पुलिस ने 5 घंटे ऑपरेशन चलाकर सात ठगों को फसल में भाग कर पकड़ लिया जिनके कब्जे से आठ मोबाइल और 15 सिम बरामद की हैं। करोड़ों रुपए के लेनदेन के ट्रांजेक्शन सहित ठगी से संबंधित मोबाइल में साक्ष्य मिले हैं। डीग जिले में भरतपुर आईजी राहुल प्रकाश के निर्देश पर ऑपरेशन एंटीवायरस के अंतर्गत सर्च ऑपरेशन चलाया और ठगों के नए ठिकानों का पता लगाया। ठगों ने अपने ठिकाने बदल दिए थे और गांव की आबादी क्षेत्र से 2 किलोमीटर दूर जंगल में सरसों के खेतों के बीच वाटरप्रूफ टेंट लगाकर ठगी की वारदातें को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने कैथवाड़ा और झेझपुरी के जंगल में 12 से लेकर 5 तक सर्च ऑपरेशन चलाया और आखिरकार ठगों के नए आशियाने पर 5 दिन की मेहनत के बाद छापा मारते हुए सात ठगों को पकड़ा गया है। पकड़े गए ठगों में नाबालिग होने की उम्मीद है जिनके दस्तावेज की जांच की जा रही है इसमें कुछ बड़े ठग भी शामिल हैं जिनके विरुद्ध पूर्व में ठगी के मामले लंबित हैं जिनमें पुलिस उन्हें तलाश कर रही है। वह ठग भाग जाने में सफल रहे। कैथवाड़ा थानाधिकारी मदनलाल, डीएसटी टीम प्रभारी वीरेंद्र सिंह, प्रेमचंद शर्मा और हरवीर सिंह सहित दर्जनों पुलिसकर्मी ठगों की खेतों में सर्च ऑपरेशन चला कर तलाश कर रहे हैं। टेंट में मिले ऐशो आराम के सभी सामान…
यह बहुत ही आश्चर्यकारी है कि ठगों ने अपने वाटरप्रूफ टेंट में जरूरत के सभी सामान रखे हुए थे, जिनमें कोल्डड्रिंक, मदारापन, गुटखा, तबाकू, बीड़ी, सिगरेट, रजाई, गद्दा और अन्य जरूरत के सामान शामिल थे। यह दिखाता है कि ठगों ने अपने ठिकाने को बहुत ही सुव्यवस्थित और आरामदायक बनाया था, जिससे वे अपने आपराधिक गतिविधियों को आसानी से चला सकें। सात आरोपी दबोचे, आठ मोबाइल और फर्जी 15 सिम बरामद यह है पूरी कार्रवाई… झेझपुरी के जंगल में छिपे हुए साइबर ठगों की 5 दिनों से पुलिस को ठगों की लोकेशन जंगल में मिल रही थी, लेकिन वे सरसों की फसल के बीच में छिपे हुए थे, जिससे उन्हें ढूंढना मुश्किल हो गया था।डीएसटी प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने तकनीकी सहायता से ठगों के ठिकाने की तरफ बढ़ना शुरू किया। जैसे ही ठगों को पुलिस के आने की खबर मिली, वे खेतों में भागने लगे। पुलिस ने सात ठगों को पकड़ लिया, जबकि चार-पांच ठग भागने में सफल हो गए। पीछा करते समय पुलिसकर्मी भी हुए चोटिल… ठगों के पीछे भागते हुए दो तीन पुलिसकर्मी चोटिल भी हो गए। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पीछा करते रहे। ठगों को पकड़ने के लिए बहुत मेहनत की और खतरा उठाया। पुलिसकर्मी की बहादुरी से ही ठगों को पकड़ा जा सका। “पैदल पहुंचना मुश्किल है ऐसी जगह पर ठगों ने वाटरप्रूफ आशियाना बनाया था। टीम ने 7 ठगों को पकड़ कर सामान जब्त किया।”
-गिर्राज मीणा, डीएसपी पहाड़ी।


