इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफ बीकानेर और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बीकानेर स्थित केंद्र राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र के बीच साझा रिसर्च और लर्निंग प्रोग्राम के लिए एमओयू किया गया है। एमओयू के तहत तीन चरणों में ईसीबी के ईआईसीई विभाग में इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमेटिक सिस्टम विकसित किए जाएंगे जो आईओटी के साथ मिलकर काम करेंगे। ईसीबी के छात्रों को अपने इलेक्ट्रॉनिक, एंबेडेड और आईओटी सिस्टम डेवलपमेंट स्किल्स का उपयोग विभिन्न देसी तथा आयातित अश्वों की नस्ल बेहतर बनाने, अश्वो की कार्यक्षमता एवम उत्पादकता बढाने के साथ साथ इनके स्वास्थ्य सम्बंधित पारामीटर्स की उचित निगरानी तथा खानपान को ऑटोमेटेड सिस्टम्स के साथ बेहतर बनाने तथा इस क्षेत्र में अनुसंधान में करने का अवसर मिलेगा। इस एमओयू से दोनों संस्थानों के बीच सहयोग और ज्ञान साझा करने अश्व अनुसंधान में नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह एमओयू शुक्रवार को बीटीयू कुलपति प्रो. अजय कुमार शर्मा की उपस्थिति में हुआ। बीटीयू की तरफ से ईसीबी प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश जाखड़ ने हस्ताक्षर किए तथा राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान की तरफ से नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन इक्विन्स, हिसार के निदेशक डॉ. टीके भट्टाचार्य द्वारा किए गए हैं। इस एमओयू के तहत इस परियोजना के संचालन की जिम्मेदारी ईसीबी के सहायक प्रोफेसर अरविंद और हरजीत सिंह एवम केंद्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ कुट्टी नेतृत्व में विभिन्न वैज्ञानिकों की टीम देखेगी। दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में वित्तीय संसाधनों और जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक एवम ऑटोमेशन तकनीक के समावेश के साथ यह परियोजना आगे बढ़ेगी। चरणबद्ध तरीके से किए जाने हैं यह काम 1. ऑटोमेटिक एनिमल फीड और वॉटर सप्लाई और मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करना। 2. ऑटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम विकसित करना जो एनिमल हाउसिंग के लिए उपयुक्त होगा। 3. ऑटोमेटिक मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करना जो एनिमल के बॉडी पैरामीटर्स जैसे पल्स, रेस्पिरेशन आदि की निगरानी करेगा।


