उदयपुर दुग्ध उत्पादक डेयरी संघ का दूध का दूध-पानी का पानी अभियान शुक्रवार से शुरू हुआ। पहले दिन सेक्टर-13 में आशीष वाटिका के सामने सरस केबिन पर शिविर लगा। यहां अलग-अलग जगह से 52 लोग अपने घरों पर दूधिए की ओर से सप्लाई किए जाने वाले दूध के नमूने लेकर पहुंचे। इन 52 सैंपलों की जांच के दौरान आधे से ज्यादा 27 नमूनों में पानी ज्यादा मिला। दाे नमूनों में नमक और स्टार्च ज्यादा पाया गया। इस तरह बाजार के करीब 52 प्रतिशत दूध में मिलावट पाई गई। इस शिविर में किसी भी घी की जांच भी नि:शुल्क कराई जा सकती है। नमक मिलाने से फैट की मात्रा बढ़ने के साथ दूध गाढ़ा दिखाई देता है। स्टार्च से इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है, जिससे यह जल्दी नहीं फटता है। अमूमन बिना मिलावट वाला दूध सामान्य तापमान में 15 घंटे बाद फट जाता है। जांच के लिए 125 मिली लीटर कच्चा दूध जरूरी : डेयरी संघ के प्रबंध संचालक विपिन शर्मा ने बताया जांच के लिए 125 मिलीलीटर कच्चा दूध लेकर शिविर में आना होगा। सैंपलों की जांच संघ की प्रयाेगशाला में की जा रही है। इसके अलावा लोगों को दूध में पानी, नमक, शक्कर, स्टार्च आदि की मिलावट का खुद की ओर से पता करने की जानकारी देकर जागरूक भी किया जा रहा है। जांच सुबह 7 से 10 बजे – अभियान 31 जनवरी तक चलेगा। शिविर में सुबह 7 से 10 बजे तक दूध-घी की जांच कराई जा सकेगी।


