कूप कटिंग का विरोध…50 ग्रामीणों पर केस दर्ज:कोरबा में 6 गांवों के लोगों ने बैठक कर आपत्ति जताई, पेड़ कटाई रोकने की मांग

कोरबा जिले के पसरखेत वन परिक्षेत्र में कूप कटिंग (पेड़ कटाई) का मामला गरमा गया है। इस मामले में लगभग 50 ग्रामीणों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसके विरोध में आसपास के 6 गांवों के लोगों ने बैठक की है। ग्रामीण कूप कटिंग रोकने की अपनी मांग पर अडिग हैं। कोरबा वनमंडल के पसरखेत वन परिक्षेत्र में ‘सलेक्शन कम इम्प्रूवमेंट’ योजना के तहत कूप कटिंग शुरू की गई थी। इसके लिए कोलगा के गुफा एरिया, बांधा पतरा, ढोंड़टिकरा और मोहनपुर में मजदूर लगाए गए थे। पेड़ों की कटाई की जानकारी मिलने पर कोलगा के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और उन्होंने पेड़ कटाई रोक दी। कुछ ग्रामीणों को नामजद आरोपी बनाया साथ ही कुल्हाड़ी समेत अन्य औजारों को अपने कब्जे में ले लिया। इस घटना के दो दिन बाद करतला थाने में लगभग 50 ग्रामीणों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इनमें कुछ ग्रामीणों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस कार्रवाई के बावजूद ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं शुक्रवार को इस मामले पर चर्चा के लिए एक चौपाल लगाई गई, जिसमें कोलगा सहित आसपास के 6 गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। इस बैठक में बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पहुंचे पुलिस और जन प्रतिनिधियों के सामने भी पेड़ कटाई का एक स्वर में विरोध जताया। कूप कटिंग पर रोक लगाने की मांग ग्रामीणों का कहना है कि वे कूप कटिंग नहीं होने देंगे, भले ही इसके लिए उन्हें आंदोलन करना पड़े। वे संभवतः कलेक्टर से मुलाकात कर कूप कटिंग पर रोक लगाने की मांग भी कर सकते हैं। इससे पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन इस बार ग्रामीण आंदोलन का मन बना रहे हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *