सलूंबर में भाकपा (माले) का प्रथम जिला सम्मेलन देर शाम कृषि मंडी के पास एक हॉल में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में जोध सागर भागल के शंकरलाल मीणा को पार्टी का जिला सचिव चुना गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राज्य सचिव कामरेड शंकर लाल चौधरी ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और मजदूरी में ठहराव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं ने श्रमिकों के जीवन को संकट में डाल दिया है। पार्टी ने चारों मजदूर विरोधी श्रम कोड का विरोध किया और न्यूनतम मजदूरी 26,000 रुपये प्रतिमाह, मनरेगा में 200 दिन काम, नियमित काम में ठेका प्रथा समाप्त करने तथा सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा देने की मांग की। चौधरी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा कानून बदलने के पीछे इस योजना का बोझ राज्य सरकारों पर डालने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पार्टी अरावली पर्वतमाला जैसी प्राकृतिक संपदा को बचाने के लिए संघर्ष करेगी। झुंझुनू से आए वरिष्ठ किसान नेता और किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड रामचंद्र कुलहरी ने किसानों की बदहाली का कारण कृषि लागत में वृद्धि और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी का अभाव बताया। किसान महासभा स्वामीनाथन आयोग के अनुसार एमएसपी लागू करने, फसल बीमा से निजी कंपनियों को हटाने, समय पर फसल खराब का मुआवजा देने और कर्ज माफी की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य समिति सदस्य कामरेड गौतम मीणा ने कहा कि सलूंबर एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां हाल ही में व्यापक खनन बढ़ने के प्रस्ताव सामने आए हैं। पार्टी वनाधिकार कानून के पूर्ण क्रियान्वयन, व्यक्तिगत व सामुदायिक पट्टे, पेशा कानून के अनुसार खनन परियोजनाओं को मंजूरी और प्रभावित परिवारों के संतोषजनक पुनर्वास के बाद ही खनन कार्यों के क्रियान्वयन के लिए आंदोलन करेगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकारी स्कूलों-कॉलेजों की उपेक्षा और शिक्षा के निजीकरण से गरीब छात्रों का भविष्य खतरे में है। पूर्व उदयपुर-सलूंबर संयुक्त जिला समिति के सचिव कामरेड चंद्रदेव ओला ने मांग की कि सम्मेलन सभी रिक्त शिक्षकों की भर्ती, समय पर छात्रवृत्ति प्रदान करने, सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर जोर देता है। जिला कमेटी में कामरेड गौतम मीणा मोरीला, हरीश सालवी सलूंबर, खानकी केवदा,बाबूलाल, होली राम, रमेश वेण, नारायण देवलिया, नंगला मीणा, कालू मानपुर, तेजकी बाई, पूरणमल धावड़ा, लालूराम पटेल, रतनलाल, कालू बेड़ावल, देवीलाल बोवस, भेरूलाल, कालू धावड़ा, जबीउल्लाह, खेमा हण्डी, हीरा पटेल आदि चुने गए।


