निवाड़ी जिले के 27 सरकारी स्कूलों में बने शौचालयों के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। एक जांच दल की रिपोर्ट में घटिया सामग्री के उपयोग और तकनीकी खामियों की पुष्टि हुई है। जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना ने भी इन कमियों को स्वीकार किया है। जांच दल ने कई स्थानों पर जाकर निर्माण कार्यों और शौचालयों की गुणवत्ता का आकलन किया। रिपोर्ट के अनुसार, कई स्कूलों में शौचालयों की दीवारें सस्ते मटेरियल से बनाई गई हैं। इसके अलावा, फिनिशिंग अधूरी है, सीवेज कनेक्शन सही नहीं हैं और कई जगहों पर पानी की व्यवस्था भी नहीं की गई है। सीईओ रोहन सक्सेना ने मीडिया से बातचीत में इन कमियों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कमेटी ने अलग-अलग स्थानों पर जांच की थी और रिपोर्ट उन्हें एक दिन पहले ही मिली है। सक्सेना ने कहा कि गुणवत्ता में कमी और निर्माण में अनियमितता पाई गई है। निर्माण एजेंसी की भूमिका संदिग्ध उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सरकारी परियोजनाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है, जिसमें ग्राम पंचायत स्तर से लेकर निर्माण एजेंसी तक की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।


