इंदौर में मिलावटखोर सक्रिय हैं। यहां असली घी के नाम पर आम जनता को वनस्पति बेचा जा रहा है। इसकी पुष्टि अक्टूबर में पालदा में लिए गए सैंपल से हुई है। हाल ही में आई रिपोर्ट में 10 में से 7 सैंपल मिलावटी पाए गए हैं। 29 अक्टूबर को टीम द्वारा पालदा स्थित श्री राम मिल्क फ़ूड डेयरी इंडस्ट्रीज और SRMI राम मिल्क फूड एंड डेयरी इंडस्ट्रीज से घी के सैंपल लिए गए थे। इनमें से 7 अमानक पाए गए हैं। इनमें घी loose, SRMI मदर चॉइस गाय का घी 1 लीटर, SRMI मदर चॉइस गाय का घी 500ml, SRMI मदर चॉइस घी 100ml, SRMI मिल्क क्रीम गाय का घी 500ml, SRMI मिल्क क्रीम देस घी 1 लीटर के नमूने लगभग 5 पैरामीटर पर अवमानक पाए गए है, जो कि उक्त फर्म द्वारा ही पैक किए जा रहे थे। श्री राम मिल्क फूड डेयरी के मालिक नरेंद्र कुमार गुप्ता लंबे समय से घी के नाम पर आम लोगों से इसी तरह धोखाधड़ी कर रहे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, वनस्पति को हाइड्रोजन प्रक्रिया के जरिए तैयार किया जाता है, जिससे यह 40 डिग्री तापमान तक पिघलती नहीं है। देखने में यह घी जैसी लगती है, इसलिए उपभोक्ता आसानी से धोखा खा जाते हैं। इसी छल का फायदा उठाकर इसे मदर चॉइस सहित अन्य नामी ब्रांडों के नाम से 700 से 800 रुपए प्रति किलो तक बेचा जा रहा था। श्री राम मिल्क फ़ूड डेयरी इंडस्ट्रीज, SRMI राम मिल्क फ़ूड एंड डेयरी इंडस्ट्रीज और SRMI मिल्क फ़ूड डेयरी इंडस्ट्रीज LLP संचालित किए जा रहे थे। जिनके लिए अलग-अलग लाइसेंस प्राप्त किए गए है, लेकिन तीनों लाइसेंस मेंं परिसर का आगमन एवं निर्गम एक ही पाया गया था।


