‘अरावली बचाओ मुहिम’ को मिला छात्र नेता का समर्थन:पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी बोले- अरावली पर चोट हुई तो हर गांव-गांव से उठेगा आंदोलन

राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी ‘अरावली बचाओ मुहिम’ के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने अरावली पर्वतमाला को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अरावली को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का राजस्थान की धरती पर पुरजोर विरोध किया जाएगा। निर्मल चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अरावली पर्वतमाला राजस्थान की जीवनरेखा है और इसके साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा- मोदी जी, अरावली पर्वतमाला पर हमला करने से पहले आपको मेरे जैसे राजस्थान के हजारों-लाखों वीर योद्धाओं की गर्दन धड़ से अलग करनी पड़ेगी। वीरांगनाओं की धरती से चेतावनी चौधरी ने कहा कि राजस्थान वह प्रदेश है जहां पर्यावरण संरक्षण के लिए मां अमृता बाई जैसी महान विभूतियों ने अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसानों, मजदूरों, युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया तो एक पत्थर तक को छूने नहीं दिया जाएगा। #SaveAravalli से जुड़ने का आह्वान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने युवाओं और आमजन से #SaveAravalli अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि वह स्वयं प्रदेश के गांव-गांव और गली-गली जाकर अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए जनआंदोलन खड़ा करेंगे। आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर संकट निर्मल चौधरी ने चेताया कि अरावली का विनाश आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा साबित होगा। उन्होंने कहा कि इसके नष्ट होने से बच्चों के विकलांगता और गंभीर बीमारियों के साथ जन्म लेने का खतरा बढ़ेगा। पेड़-पौधों और वन्यजीवों के सर्वनाश का आरोप उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला के खत्म होने से लाखों-करोड़ों पेड़-पौधे और वन्यजीव-जंतु नष्ट हो जाएंगे। चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद लोगों की जेब भरने के लिए प्रकृति की बलि दी जा रही है। युवाओं से निर्णायक लड़ाई का आह्वान चौधरी ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के कंधों पर टिका है। अगर आज युवा मजबूती से सामने नहीं आए, तो आने वाली पीढ़ियों को कोई जवाब नहीं दे पाएंगे। सरकार से प्रदेशवासियों के हित में निर्णय की मांग अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर अरावली पर्वतमाला के साथ किसी भी प्रकार का कुठाराघात न किया जाए और इसे सुरक्षित रखने के लिए ठोस व पारदर्शी कदम उठाए जाएं।

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