इंदौर का पार्षद दल सूरत पहुंचा:बायोडायवर्सिटी पार्क और एसटीपी प्लांट का दौरा किया, कमाई के मॉडल भी समझे

इंदौर के बाद स्वच्छता में सबसे आगे गुजरात के सूरत में स्वच्छता का मॉडल समझने के लिए इंदौर का पार्षद दल वहां पहुंच गया है। पार्षद दल सचेतक कमल वाघेला और एमआईसी सदस्य राजेश उदावत ने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य सूरत नगर निगम द्वारा स्वच्छता, जल प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपनाए गए नवाचारों को समझना एवं उन्हें इंदौर में लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करना है। इसी क्रम में पार्षद दल द्वारा सूरत स्थित 125 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का अवलोकन किया गया। उन्होंने बताया कि इस एसटीपी प्लांट से निकलने वाले ट्रीटेड पानी को आरओ लेवल तक शुद्ध किया जाता है, जिसे सूरत शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता है। इस अभिनव व्यवस्था के माध्यम से सूरत नगर निगम को प्रतिवर्ष लगभग 140 करोड़ रुपए से अधिक की आय प्राप्त हो रही है, जो कि जल पुनर्चक्रण एवं राजस्व वृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके साथ ही पार्षद दल सूरत में विकसित बायोडायवर्सिटी पार्क भी पहुंचे। यह क्षेत्र पूर्व में नाले के किनारे स्थित स्लम एरिया था। सूरत नगर निगम द्वारा इस क्षेत्र को स्लम मुक्त करते हुए लगभग 60 हेक्टेयर भूमि पर 145 करोड़ रुपए की लागत से भव्य बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण किया गया है। इस परियोजना का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण का कार्य प्रगति पर है। पार्षद दल ने सूरत नगर निगम द्वारा किए जा रहे इन नवाचारपूर्ण एवं जनहितकारी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सफल मॉडलों से प्रेरणा लेकर इंदौर शहर में भी स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

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