जिले में भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का नया केंद्र बनने जा रहा है। इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (इस्कॉन) द्वारा गरियाबंद में भव्य श्री श्री राधा गिरिधारी मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। यह मंदिर लगभग 15 करोड़ रुपए की लागत से गरियाबंद के छुरा मार्ग में छिंद तालाब के पास निर्मित होगा, जिसका शिखर 51 फीट ऊंचा होगा। मंदिर निर्माण के लिए 22 दिसंबर को भूमिपूजन किया जाएगा। दो साल में इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस्कॉन छत्तीसगढ़ के प्रमुख परम पूज्य भक्ति सिद्धार्थ स्वामी महाराज तथा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह बतौर मुख्य अतिथि इसका भूमिपूजन करेंगे। इसके साथ ही महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूप कुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस्कान से मिली जानकारी के मुताबिक प्रातः 9 से 11 बजे तक वैष्णव होम, भूमिपूजन एवं वास्तु पूजा संपन्न होगी। 11 बजे से 12:30 बजे तक इस्कॉन एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा कृष्ण भजन व संकीर्तन प्रस्तुत किए जाएंगे। 12:30 बजे डॉ. रमन सिंह का आगमन होगा, इसके पश्चात भक्ति सिद्धार्थ स्वामी महाराज का आशीर्वचन, जनप्रतिनिधियों का उद्बोधन एवं अंत में डॉ. रमन सिंह के उद्बोधन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। कार्यक्रम में लगभग 5 हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति की संभावना है। अंत में सभी के लिए कृष्ण प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। उल्लेखनीय है कि इस्कॉन की स्थापना विश्वविख्यात कृष्णभक्त वैष्णव आचार्य कृष्णकृपामूर्ति श्री श्रीमद अभयचरणारविन्द भक्ति वेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद द्वारा वर्ष 1966 में न्यूयॉर्क (अमेरिका) में की गई थी। उन्होंने मात्र 10 वर्षों के भीतर विश्वभर में 108 राधा-कृष्ण मंदिरों की स्थापना कर सनातन धर्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। बता दें कि गरियाबंद जिला पहले से ही अपने प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटन के लिए जाना जाता है। यहां टाइगर रिजर्व भी है। कई झरने हैं। अब यहां धार्मिक पर्यटन भी होगा। गौरतलब है कि इस्कॉन को यह भूमि स्थानीय मिश्रा परिवार द्वारा दान में प्रदान की गई है। इस्कॉन गरियाबंद के प्रबंधक नरोत्तम दास प्रभु ने मिश्रा परिवार का साधुवाद करते हुए बताया कि यह मंदिर क्षेत्र में पर्यटन, व्यवसाय और रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। मंदिर के निर्माण से गरियाबंद जिला धार्मिक मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा। छत्तीसगढ़ में इस्कॉन की शुरुआत सिद्धार्थ स्वामी महाराज ने वर्ष 2000 में रायपुर से की थी। आज रायपुर स्थित श्री श्री राधारासबिहारी जी मंदिर पूरे प्रदेश में श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है। उनके मार्गदर्शन में दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, कोंडागांव, कांकेर, बालोद, धमतरी सहित कई जिलों में कृष्ण भक्ति का व्यापक प्रसार हो रहा है। प्रस्तावित मंदिर का शिखर 51 फीट ऊंचा होगा। मंदिर परिसर में मुख्य गर्भगृह के साथ-साथ भक्तों के लिए प्रवचन व सत्संग हॉल, गोशाला, अतिथि भवन, गीता अध्ययन केंद्र, पुस्तक स्टॉल और पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाएगी। मंदिर के पूर्ण होने के बाद यहां रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।


