ब्यावर |अमृतकौर अस्पताल में एमआरएस की बैठक में बोयल ऑपरेटस एनेस्थीसिया मशीन को लेकर प्रस्ताव रखा गया जिसे लेकर मंजूरी मिल गई है। अमृतकौर अस्पताल के मदर चाइल्ड विंग में जल्द बोयल ऑपरेटस एनेस्थीसिया मशीन आएगी। महीने में 70 हजार मरीज अस्पताल में दिखाने आते हैं और महीने में 50 मरीजों के बोयल ऑपरेटस एनेस्थीसिया मशीन की मदद से किया जाता है जिससे मरीज व डॉक्टर को सहारा मिलता है। इस मशीन को खरीदने के अलावा मरीजों के काम में आने वाले पार्ट मशीन के अलावा अलग से मंगवाए हैं जिससे मरीजों को लाभ मिल सके और मरीजों का बेहतर इलाज हो सके। मशीन का उपयोग| सर्जरी के दौरान रोगी को ऑक्सीजन और एनेस्थीटिक गैसों जैसे नाइट्रस ऑक्साइड, ईथर का सटीक, नियंत्रित मिश्रण प्रदान करता है। ताकि रोगी को बेहोश दर्द से राहत, मांसपेशियों में शिथिलता और याददाश्त खोने में किया जाता है। यह मशीन फ्लोमीटर, वेपोराइजर और ब्रीदिंग बैग के जरिए काम करता है जिससे एनेस्थेसियोलॉजिस्ट को सुरक्षित रूप से गैसों की खुराक नियंत्रित करने और रोगी की निगरानी करने में मदद मिलती है। आधुनिक मशीनों से तुलना| बॉयल उपकरण एक सतत गैस आपूर्ति प्रणाली है जिसे मैन्युअल निगरानी की आवश्यकता होती है, जबकि आधुनिक एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन स्वचालित वेंटिलेशन, डिजिटल निगरानी और अलार्म जैसी सुविधाओं के साथ अधिक सुरक्षित और सटीक होते हैं।


