स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही की पोल खुली:फर्जी बोर्ड, ICU बंद, एक्सपर्ट डॉक्टर हैं ही नहीं, फिर भी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल

राजधानी रायपुर के भाटागांव इलाके में संचालित संवेदना अस्पताल ने निजी अस्पतालों की मनमानी और स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही की पोल खोल दी है। टीन शेड के नीचे चल रहे इस अस्पताल के बाहर मल्टीस्पेशियलिटी का बड़ा बोर्ड टंगा है, लेकिन अंदर न विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद हैं, न आईसीयू की सुविधा और न ही आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज की कोई व्यवस्था। बड़े-बड़े दावे और भरोसे के नाम पर मरीजों को गुमराह कर इलाज के नाम पर खुलेआम वसूली की जा रही है, जो नियमों का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि मरीजों की जान से सीधा खिलवाड़ है। सिर्फ बोर्ड में मल्टी स्पेशियलिटी, क्यो​कि इलाज वैसा नहीं पड़ताल के दौरान पता चला कि फिलहाल यहां सिर्फ दो डॉक्टर हैं और आईपीडी सेवाएं भी बंद हैं। इसके बावजूद बाहर कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के नाम और मल्टीस्पेशियलिटी सेवाओं का प्रचार किया जा रहा है। जबकि, नियमों के अनुसार मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता, आईसीयू व आपातकालीन सेवाएं, आधुनिक चिकित्सा उपकरण, मरीजों की निरंतर निगरानी और देखभाल, सर्जरी और पोस्ट-ऑप केयर की अनिवार्य व्यवस्था होती है। अभी अस्पताल में मरीज भर्ती नहीं होते हैं। हम सिर्फ ओपीडी ही चला रहे हैं। अस्पताल में मैं ही सुबह-शाम बैठता हूं। आयुष्मान सरेंडर कर दिया गया है। -डॉ. किशोर सिन्हा, संचालक, संवेदना अस्पताल आयुष्मान बंद, सिर्फ सामान्य चेकअप के ही डॉक्टर भास्कर टीम जब अस्पताल पहुंची तो अंदर आयुष्मान योजना का बोर्ड लगा मिला। स्टाफ से पूछने पर जवाब मिला कि फिलहाल आयुष्मान बंद है। जांच में सामने आया कि अस्पताल में गैस्ट्रो, मेडिसिन या अन्य किसी भी विशेषज्ञ डॉक्टर की नियमित मौजूदगी नहीं है। सामान्य चेकअप के लिए भी डॉक्टर मौके पर नहीं रहते। जरूरत पड़ने पर फोन कर बुलाया जाता है। आईसीयू दो महीने पहले ही बंद हो चुका है, फिर भी बाहर उसका प्रचार किया जा रहा है। आयुष्मान योजना से इलाज पूरी तरह ठप है, लेकिन बोर्ड अब भी टंगा हुआ है। कॉल करने पर आते हैं डॉक्टर रिपोर्टर: किन बीमारियों का इलाज होता है? नर्स: आप अपनी परेशानी बताइए, डॉक्टर को बुला लूंगी। रिपोर्टर: डॉक्टर अभी नहीं हैं? नर्स: नहीं, बुलाने पर आते हैं। रिपोर्टर: आयुष्मान योजना से इलाज हो जाएगा क्या? नर्स: नहीं सर, वह बंद है। रिपोर्टर: बाहर बोर्ड लगा है? नर्स: पुराना बोर्ड है। रिपोर्टर: आईसीयू सुविधा? नर्स: आईसीयू दो महीने पहले बंद हो गई। आयुष्मान का झांसा देकर मरीजो से वसूली करने वाला एमआर अस्पताल बंद आयुष्मान का झांसा देकर मरीजों को अस्पताल लाकर उसने वसूली करने वाले एमआर अस्पताल को सीएमएचओ ने बंद करा​ दिया है। जांच में सामने आया था कि अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस संचालकों सहित अपने लोग तैनात कर रखे थे, जो दूर-दराज और अन्य अस्पतालों से मरीजों को लाकर भर्ती कराते और उनसे वसूली करते थे। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद अस्पताल बंद कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए हैं।

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