छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास की गति लगातार तेज होती जा रही है। दो वर्षों में प्रदेश में 2505 नए उद्योग स्थापित हुए हैं। यानी हर दिन औसतन तीन नए उद्योग लगे हैं। वहीं इस साल 18 क्षेत्रों में 7.83 लाख करोड़ के 219 निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं। शुक्रवार को उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने पिछले दो साल में विभाग की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने कहा कि संरचनात्मक सुधारों और पारदर्शी नीतियों से प्रदेश में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इसका सीधा असर निवेश और रोजगार पर दिख रहा है। सेमीकंडक्टर और एआई से लेकर सीमेंट, बिजली और मैन्युफैक्चरिंग तक में निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इन परियोजनाओं से 1.5 लाख रोजगार सृजित होंगे। पांचों संभागों पर निवेशकों की नजर अलग-अलग सेक्टरों के लिए जो निवेश मिले हैं, वह सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं है। यह पांचांे संभागों के लिए है। उद्योग मंत्री ने बताया कि निवेश प्रस्तावों में 21 प्रतिशत आदिवासी बहुत बस्तर संभाग में है। रायपुर संभाग में 33 प्रतिशत और बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभागों में 46 प्रतिशत है। इनमें 57 परियोजनाएं 1000 करोड़ रुपए से अधिक की है। वहीं एक हजार अधिक रोजगार देने वाली परियोजनाओं की संख्या 34 है। वहीं बस्तर में रापपुर स्टोन क्लिनिक का 350 बेड का अस्पताल लगभग तैयार है। इससे आदिवासी परिवारों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। 9 परियोजनाएं शुरू, 5500 से अधिक को मिला रोजगार मंत्री ने बताया कि 9 बड़ी परियोजनाओं में उत्पादन शुरू हो गया है। यहां 5500 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा 109 परियोजनाएं जल्द शुरू होंगे। यह 24 जिलों और 16 क्षेत्रों में फैली हैं। इसमें 87132 रोजगार सृजित होंगे। खास बात यह है कि इनमें से 58 प्रतिशत परियोजनाएं आतिथ्य व स्वास्थ्य, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फार्मा क्षेत्र से जुड़ी हैं।


